

Nepal Violence Video: नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर भड़के विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने सोमवार (8 सितंबर) को अपना आदेश वापस ले लिया। तीन दिन पहले सरकार ने फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर) और व्हाट्सएप समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने का फैसला किया था।
इस निर्णय के खिलाफ राजधानी काठमांडू सहित कई हिस्सों में हिंसक विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने कैबिनेट की आपात बैठक के बाद ऐलान किया कि प्रतिबंध हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि 'जेन जेड' की मांगों के अनुसार सोशल मीडिया सेवाओं को बहाल किया जाए।
सोमवार को हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह संसद भवन परिसर में घुस गया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और गोलियों का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन परिसर में आग लगा दी।
सरकार ने आंदोलन कर रहे युवाओं से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की है। वहीं, फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप जैसी लोकप्रिय सोशल मीडिया साइटें सोमवार रात से फिर से सामान्य रूप से काम करने लगी हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में भी घसकर आग लगा दी। जिसके बाद इमारत को धू-धू कर जलते देखा गया और दूर तक केवल धुएं का गुबार दिख रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के अलावा, पीएम ओली, राष्ट्रपति, गृहमंत्री के निजी आवास पर तोड़फोड़ की। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में आगजनी की। इस हिंसा में अब तक 22 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।
इस उथल-पुथल के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जनता के आक्रोश और राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। देश में अब राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन गई है। जानकारी के मुताबिक, ओली ने देश छोड़ दिया और वो दुबई में श्ररण ले सकते हैं। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।