विवादों के बावजूद बालेन शाह ने पहली विदेश यात्रा के लिए चुनी दिल्ली, बांग्लादेशी पीएम पहुंचे चीन

Balen Shah Delhi: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत आ रहे हैं, जबकि बांग्लादेश के नए पीएम तारिक रहमान भारत के दो निमंत्रणों के बाद भी भारत ना आकर चीन की यात्रा पर गए।
Balen Shah Delhi Visit
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Balen Shah Delhi Visit: दक्षिण एशिया की राजनीति में हाल के दिनों में दो अहम घटनाक्रम देखने को मिले हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र 'बालेन' शाह ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना है, जबकि बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के निमंत्रण के बावजूद अपनी विदेश यात्रा के लिए चीन का रुख किया है। दोनों नेताओं के फैसलों को दक्षिण एशिया के बदलते कूटनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

नेपाल और बांग्लादेश के इन फैसलों ने भारत की पड़ोसी कूटनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह दिल्ली की यात्रा कर भारत के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत की यात्रा के बजाय चीन को प्राथमिकता दी है।

बालेन शाह ने पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र 'बालेन' शाह का दिल्ली दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि उनके राजनीतिक कार्यकाल की शुरुआत भारत के साथ सीमा विवादों और कुछ तीखे बयानों के बीच हुई थी।

इसके बावजूद प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना है। नेपाल में लंबे समय से यह कूटनीतिक परंपरा रही है कि देश के नए प्रधानमंत्री अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत की यात्रा करते हैं।

बालेन शाह का यह फैसला दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंधों की अहमियत को भी दर्शाता है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, व्यापारिक रिश्ते और लोगों के बीच गहरे सामाजिक संबंध दोनों देशों की साझेदारी को विशेष बनाते हैं।

दक्षिण एशिया में बदल रहे हैं कूटनीतिक समीकरण

नेपाल और बांग्लादेश के नेताओं की विदेश यात्राओं के विकल्पों को दक्षिण एशिया की बदलती राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। नेपाल ने भारत के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

वहीं, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान का चीन दौरा क्षेत्र में बीजिंग के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव की ओर इशारा करता है। भारत के लिए यह घटनाक्रम रणनीतिक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दक्षिण एशिया में चीन की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक मौजूदगी पहले से ही भारत की विदेश नीति के लिए एक अहम चुनौती रही है। ऐसे में पड़ोसी देशों के बदलते कूटनीतिक रुख पर नई दिल्ली की नजर बनी हुई है।

भारत ने तारिक रहमान को दो बार भेजा था निमंत्रण

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सत्ता संभालने के बाद भारत की ओर से नई दिल्ली आने का निमंत्रण दिया गया था। 17 फरवरी 2026 को कार्यभार संभालने के बाद उन्हें भारत आने के लिए आमंत्रित किया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ढाका में उनसे मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत पत्र भी सौंपा था। इसके बाद भारत की ओर से उन्हें एक और निमंत्रण भेजे जाने की बात सामने आई।

बताया गया कि उन्हें द्विपक्षीय वार्ता और ब्रिक्स के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि, भारत की यात्रा करने के बजाय उन्होंने चीन जाने का फैसला किया।

Balen Shah Delhi Visit
नेपाल ने भारत-चीन समेत कई देशों की मदद ठुकराई, कहा- राहत कार्य के लिए हमारी सेना सक्षम

भारत-नेपाल संबंधों पर रहेगी नजर

बालेन शाह की दिल्ली यात्रा भारत और नेपाल के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच समय-समय पर सीमा विवाद और राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं, लेकिन सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर दोनों देशों के संबंध बेहद गहरे हैं।

नेपाल के नए प्रधानमंत्री का पहला विदेशी दौरा भारत होना इस बात का संकेत हो सकता है कि दोनों देश आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

दूसरी तरफ, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के चीन दौरे ने भारत के सामने पड़ोसी देशों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की चुनौती को रेखांकित किया है। आने वाले दिनों में नेपाल, बांग्लादेश, भारत और चीन के बीच बदलते राजनीतिक समीकरण दक्षिण एशिया की रणनीति और क्षेत्रीय राजनीति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com