इस देश में दोहराई गई नेपाल वाली कहानी, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता, झड़प में 3 घायल
Gen Z Protest in Madagascar: मेडागास्कर में सैनिकों ने सत्ता पर अवैध कब्ज़ा करने की कोशिश का दावा किया। राजधानी में गोलीबारी हुई, तीन घायल। प्रदर्शन पानी, बिजली संकट से बढ़कर राजनीतिक आंदोलन बन गया।
- Written By: अक्षय साहू
मेडागास्कर में सरकार विरोधी प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madagascar: अफ्रीकी देश मेडागास्कर के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को दावा किया कि देश में सत्ता पर अवैध और जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश चल रही है। यह बयान तब आया जब कुछ सैनिक पिछले महीने शुरू हुए एक जनविरोध आंदोलन में शामिल हो गए। मेडागास्कर सरकार के खिलाफ पिछले एक महीने से विरोध प्रदर्शन हो रहा।
प्रदर्शन में ज्यादातर प्रदर्शनकारी जेन-जी है जो नेपाल और केन्या में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन से प्रेरित है। ये आंदोलन 25 सितंबर2025 को शुरू हुआ था और राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना की सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती बन चुके हैं। खास बात यह है कि जिन CAPSAT सैनिकों ने 2009 में राजोइलिना को सत्ता में लाने में मदद की थी, अब वही उनके खिलाफ हो गए हैं।
सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
रविवार को, राजधानी एंटानानारिवो में CAPSAT बैरक के पास गोलीबारी हुई जिसमें तीन लोग घायल हो गए। हालांकि, कुछ चश्मदीदों ने कहा कि बड़े पैमाने पर झड़प नहीं हुई। विरोध कर रहे सैनिकों ने दावा किया कि वे अब देश के सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं और सेना की सभी शाखाओं का समन्वय करेंगे। इस बीच, रक्षा मंत्रालय और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई बयान देने से मना कर दिया।
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जेंडरमेरी, जो विरोध प्रदर्शन को दबाने में पुलिस के साथ शामिल रही है, ने कहा कि उनके आदेश केवल राष्ट्रीय जेंडरमेरी कमांड सेंटर से आएंगे। प्रदर्शनकारियों ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है। शुरुआत में ये आंदोलन पानी और बिजली की कमी को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन अब यह एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन बन चुका है।
सैनिक की मौत से गुस्स में लोग
रविवार को हजारों लोग एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। वे CAPSAT के एक सैनिक को श्रद्धांजलि दे रहे थे, जिसे उनकी यूनिट का कहना है कि जेंडरमेरी ने शनिवार को मार दिया। इस प्रदर्शन में चर्च के नेता, विपक्षी नेता और पूर्व राष्ट्रपति मार्क रावलोमाना भी शामिल हुए।
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राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वह देश को अस्थिर करने की कोशिशों की निंदा करता है और बातचीत के जरिए समाधान की अपील करता है। अफ्रीकी संघ ने भी शांति और बातचीत की अपील की है।
