Nepal Flood Tragedy: नेपाल में अपर त्रिशूली टनल से 10 दिन बाद विदेशी नागरिक और महिला का हुआ सफल रेस्क्यू

Nepal Tunnel Rescue: नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के 10 दिन बाद अपर त्रिशूली 1 की सुरंग से एक विदेशी नागरिक को और नुवाकोट के विदुर से एक महिला को सुरक्षित और सकुशल जीवित बचाया गया है।
Successful Nepal Tunnel Rescue
 नेपाल त्रिशूली टनल से 2 लोग रेस्क्यू(सोर्स- ANI)
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Successful Nepal Tunnel Rescue: नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद राहत और बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक विदेशी नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसी दिन नुवाकोट के विदुर-10 वेत्रावती इलाके से संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक स्थानीय महिला को भी जिंदा रेस्क्यू किया। भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच इन दोनों लोगों का सुरक्षित बचना राहत अभियान के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

अपर त्रिशूली-1 टनल से विदेशी नागरिक सुरक्षित

नेपाल सेना के अनुसार, शनिवार को अपर त्रिशूली-1 की सुरंग से एक विदेशी नागरिक को करीब 10 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाढ़ और मलबे से प्रभावित सुरंग में इतने लंबे समय तक फंसे रहने के बाद उसका जीवित मिलना बचाव दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण सफलता रही।

रेस्क्यू के तुरंत बाद सेना के जवानों ने विदेशी नागरिक को हेलीकॉप्टर तक पहुंचाया। वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उसके स्वास्थ्य की जांच शुरू की और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। फिलहाल उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी रखी जा रही है।

वेत्रावती से महिला को भी बचाया गया

नुवाकोट जिले के विदुर-10 स्थित वेत्रावती में नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की संयुक्त टीम ने एक स्थानीय महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत दल ने महिला को प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से संजय साह और कबीर महर्जन नाम के दो मजदूरों को नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकाला गया था। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने मलबे और सुरंगों में फंसे अन्य लोगों की तलाश को लेकर उम्मीद बढ़ाई है।

20 हेलीकॉप्टरों से जारी है राहत अभियान

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद नुवाकोट और रसुवा समेत सबसे प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खोज, बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है।

नेपाल सेना ने राहत कार्यों के लिए करीब 20 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। इनकी मदद से प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।

नुवाकोट में सैन्य इंजीनियरिंग टीम तादी नदी के ऊपर अस्थायी रस्सी पुल बनाने में जुटी है। इसका उद्देश्य उन गांवों को फिर से मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जिनका संपर्क बाढ़ और भूस्खलन के कारण पूरी तरह कट गया है।

Successful Nepal Tunnel Rescue
Nepal Flash Flood: बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 1344 की मौत, पुलिस बोली- राहत कार्य जारी

भारत की टनल रेस्क्यू टीम भी जुटी

नेपाल के राहत अभियान में भारत भी तकनीकी और मानवीय सहायता दे रहा है। भारतीय टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों ने रसुवा की चिलीमे टनल में नेपाल सेना के साथ मिलकर मलबा हटाने, जमा पानी निकालने और गहरे शाफ्ट तक पहुंचने के लिए लगातार काम किया है।

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा है कि भारत प्रभावित समुदायों को तकनीकी सहायता और मानवीय राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत और नेपाल की संयुक्त विशेषज्ञता से मुश्किल सुरंगों और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

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