Nepal Elections 2026: जेन-जी विद्रोह के बाद पहली बार मतदान, PM पद के लिए तीन दिग्गजों में कांटे की जंग

Nepal Prime Minister Race: नेपाल में 5 मार्च को वोट डाले जाएंगे। जेन-जी विद्रोह के बाद हो रहे इस चुनाव में केपी शर्मा ओली, बालेन शाह और गगन थापा के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है।
Nepal Election 2026: Youth vs Experience as Three Main Contenders Vie for Prime Minister Post
नेपाल चुनाव 2026 के पीएम उम्मीदवार बालेंद्र शाह, केपी शर्मा ओली, गगन थापा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Future Of Nepal Politics 2026: नेपाल की राजनीति आज एक बहुत ही निर्णायक और ऐतिहासिक मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है। पिछले साल हुए युवाओं के बड़े विद्रोह के बाद अब पूरा देश नए नेतृत्व की तलाश में है। नेपाल की राजनीति के भविष्य की इस दौड़ में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरे भी मैदान में हैं। 5 मार्च को होने वाला यह मतदान तय करेगा कि हिमालयी देश की बागडोर अब किसके मजबूत हाथों में होगी।

सत्ता के लिए तीन प्रमुख दावेदार

प्रधानमंत्री पद के लिए इस बार तीन मुख्य उम्मीदवारों के बीच बहुत ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी अनुभवी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सत्ता में फिर से वापसी की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। उनके सामने काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह और पुरानी नेपाली कांग्रेस के युवा नेता गगन थापा अपनी मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।

युवाओं की पहली पसंद बालेन शाह

महज 35 साल के पूर्व रैपर बालेन शाह आज देश के युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता की वजह से काफी ज्यादा चर्चा बटोर रहे हैं। वे अपने ट्रेडमार्क काले कपड़ों और धूप के चश्मे में देश के विभिन्न हिस्सों का तूफानी दौरा कर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं। लोगों को उनकी सादगी और काम करने का नया अंदाज बहुत भा रहा है जो नेपाल में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

गगन थापा का भ्रष्टाचार पर वार

नेपाली कांग्रेस के 49 वर्षीय नेता गगन थापा ने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने का बड़ा वादा किया है। उन्होंने सत्ता में आते ही एक शक्तिशाली आयोग गठित कर पिछले सभी बड़े घोटालों की गहराई से जांच करवाने की बात कही है। उन्होंने पारदर्शिता की मिसाल देते हुए कहा कि जांच की शुरुआत वे खुद अपनी और शेरबहादुर देउबा की संपत्ति से करेंगे।

सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा को कुछ दिनों के लिए पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। पिथौरागढ़ से धारचूला तक की 250 किलोमीटर लंबी सीमा 2 मार्च से 5 मार्च तक बंद रहने वाली है जिससे स्थानीय लोग प्रभावित होंगे। इस कड़े फैसले से सीमावर्ती क्षेत्रों का व्यापार भी काफी हद तक रुकेगा क्योंकि वहां का कारोबार अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पर निर्भर करता है।

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