नासा ने दी एस्टेरॉयड से जुड़ी चेतावनी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Unknown Near Earth Objects NASA: अमेरिकी वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर चेतावनी जारी की है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। नासा के ग्रह रक्षा विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार अंतरिक्ष में हजारों ऐसे ‘सिटी-किलर’ एस्टेरॉयड छिपे हैं जिनकी लोकेशन का फिलहाल कोई पता नहीं है। अगर इनमें से कोई भी एस्टेरॉयड पृथ्वी के घनी आबादी वाले क्षेत्र से टकराता है, तो यह पूरे क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर सकता है। वर्तमान में हमारी निगरानी प्रणाली इन मध्यम आकार के खतरों को समय रहते पहचानने में पूरी तरह सक्षम नहीं दिख रही है जिससे भविष्य का संकट बढ़ गया है।
नासा की वैज्ञानिक डॉ. केली फास्ट ने खुलासा किया है कि लगभग 15,000 मध्यम आकार के नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स यानी NEOs अभी भी वैज्ञानिकों के लिए पूरी तरह अज्ञात बने हुए हैं। ये एस्टरॉयड कम से कम 140 मीटर चौड़े हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए सबसे बड़ा और विनाशकारी क्षेत्रीय खतरा पैदा कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया के सबसे बेहतरीन टेलिस्कोप भी इन अज्ञात और मध्यम आकार के पिंडों को अंतरिक्ष की गहराइयों में आसानी से नहीं ढूंढ पा रहे हैं।
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की डॉ. नैन्सी चाबोट ने चेतावनी दी है कि वर्तमान में हमारे पास कोई भी ऐसा अंतरिक्ष यान तैयार स्थिति में नहीं है जिसे तुरंत लॉन्च किया जा सके। हालांकि नासा का DART मिशन एक सफल प्रदर्शन था, लेकिन किसी वास्तविक खतरे को रोकने के लिए हमारे पास वर्तमान में कोई सक्रिय सुरक्षा प्रणाली मौजूद नहीं है। अगर आज कोई बड़ा खतरा अचानक सामने आता है, तो उसे अंतरिक्ष में रोकने का कोई भी प्रभावी और सक्रिय तरीका फिलहाल दुनिया के पास उपलब्ध नहीं है।
वैज्ञानिकों की चिंता तब और बढ़ गई जब ‘YR4’ नामक एस्टेरॉयड क्रिसमस 2024 के दिन पृथ्वी के बहुत करीब से गुजरने के बाद वैज्ञानिकों द्वारा अचानक डिटेक्ट किया गया था। फुटबॉल के मैदान जितने बड़े इस पिंड की जानकारी वैज्ञानिकों को इसके गुजर जाने के बाद मिली, जिसने हमारी वर्तमान निगरानी प्रणाली की भारी और गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। हालांकि 2032 में होने वाली संभावित टक्कर की आशंका को फिलहाल खारिज कर दिया गया है, लेकिन ऐसी घटनाएं भविष्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा सवाल खड़ी करती हैं।
नासा अब अपनी पहचान क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए ‘नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयर’ (NEO Surveyor) नामक एक नया स्पेस टेलिस्कोप अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी तेजी से कर रहा है। वर्तमान में नासा ने 140 मीटर से बड़े केवल 40 प्रतिशत ऑब्जेक्ट्स की ही पहचान की है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत अभी भी पूरी तरह अज्ञात और रहस्यमयी बने हुए हैं। इस नए मिशन का मुख्य लक्ष्य बाकी बचे एस्टरॉयड को ढूंढना है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित टक्कर से बचाव की पुख्ता और तकनीकी तैयारी की जा सके।
यह भी पढ़ें: कुर्सी संभालते ही तारिक ने यूनुस को दिया झटका…लोकतंत्र में सुधार प्रस्ताव को किया रिजेक्ट, उठा बड़ा कदम
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक निवेश और तकनीकी तैयारी की बहुत ही तत्काल आवश्यकता है। बिना बेहतर संसाधनों और आधुनिक तकनीक के इन छोटे लेकिन विनाशकारी पिंडों को समय रहते पहचानना और उन्हें नष्ट करना वर्तमान में लगभग असंभव कार्य साबित हो रहा है। आने वाले समय में अंतरिक्ष की सुरक्षा के लिए नई नीतियों और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करना मानवता के अस्तित्व के लिए अब अनिवार्य हो गया है।