ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर दागी मिसाइलें (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Attack on Qatar Gas LNG Facility: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र को भी अपनी चपेट में लेने लगा है। मिडिल ईस्ट का यह तनाव वैश्विक असर डाल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब ईरान अब ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है।
हाल ही में ईरान ने कतर के रास लफान औद्योगिक क्षेत्र, जो दुनिया के सबसे बड़े LNG हब में से एक है, पर मिसाइल हमला किया। इस हमले में गैस प्लांट में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ, जिसके चलते कतर को अपना LNG उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी।
इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। अब यह साफ हो गया है कि यह संघर्ष सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल और गैस जैसे अहम संसाधनों पर भी असर डालेगा। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा महंगी होने की आशंका है।
भारत के लिए यह स्थिति खासतौर पर गंभीर है, क्योंकि वह अपनी LNG जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से पूरा करता है। भारत करीब 27 मिलियन टन LNG हर साल आयात करता है, जिसमें लगभग 47% कतर से आता है। इसके अलावा, यूएई से लगभग 24% और अमेरिका से करीब 11% गैस आयात होती है, जबकि ओमान, अंगोला और नाइजीरिया भी आपूर्ति करते हैं।
🇮🇷🇶🇦 Missile strikes on Ras Laffan Industrial City, Qatar’s primary hub for natural gas processing and export, located about 80 km north of Doha, earlier this evening. Qatar Energy confirmed extensive damage to the facility. pic.twitter.com/h4GtMJ90AK — Vegas ⚔️ (@vegasyx) March 19, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को और संवेदनशील बना दिया है। कई भारतीय गैस टैंकर पहले से ही इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, हालांकि सरकार उन्हें धीरे-धीरे वापस लाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल तत्काल संकट टल सकता है, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर असर साफ दिख सकता है।
देश में फिलहाल सरकार ने गैस की कमी से इनकार किया है, लेकिन अगर कतर में हमले बढ़ते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है, तो भारत को महंगा LNG अन्य देशों से खरीदना पड़ सकता है। इसका असर सीधे घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर पड़ेगा और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
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कुल मिलाकर, यह संकट अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन अगर हालात और बिगड़ते हैं तो भारत समेत पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
Ans: भारत अपनी LNG जरूरतों का लगभग 47% कतर से आयात करता है। कतर के रास लफान प्लांट पर हमले से गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ेंगी।
Ans: कतर के LNG उत्पादन में रुकावट से गैस और तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करेगा और देशों में महंगाई का खतरा बढ़ाएगा।
Ans: भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास फंसे गैस टैंकरों को बारी-बारी से मंगवा रहा है। इससे तत्काल संकट टल सकता है, लेकिन कीमतों पर असर पूरी तरह नहीं रुकेगा।