

Iran President Masoud Pezeshkian Defiant: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश के सरकारी टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में अमेरिका और इजरायल को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने साफ कहा कि तमाम गंभीर चुनौतियों और बाहरी सैन्य दबाव के बावजूद ईरान अपने रास्ते से कभी पीछे नहीं हटेगा और न ही किसी के सामने अपना सिर झुकाएगा।
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने स्पष्ट किया कि यह विनाशकारी युद्ध ईरान द्वारा शुरू नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले उनकी सरकार बातचीत के माध्यम से पूरे मामले को सुलझाने की लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन दूसरी ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे तनाव के कारण आखिरकार युद्ध शुरू हो गया।
पेजेशकियान ने दावा किया कि उनके विरोधियों ने सीरिया की तरह महज 48 घंटे में ईरान पर कब्जे की पूरी प्लानिंग की थी। लेकिन ईरान ने अपनी सैन्य ताकत और क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उनकी प्लानिंग पर पानी फेर दिया और यह साबित कर दिया कि देश को इतनी आसानी से कमजोर या अस्थिर नहीं किया जा सकता।
विरोधियों को उम्मीद थी कि देश में बढ़ते सैन्य दबाव और लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण ईरान पूरी तरह बिखर जाएगा, लेकिन उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। राष्ट्रपति ने कहा कि इस विकट परिस्थिति में भी ईरान आज एक मजबूत देश के रूप में सीना तानकर खड़ा है।
राष्ट्रपति ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में बात करते हुए कहा कि उनसे सीधा संपर्क साधना इस समय काफी मुश्किल है। मालूम हो कि अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हमलों के दौरान पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा को नियुक्त किया गया।
सर्वोच्च नेता बनने के बाद मोजतबा खामेनेई सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से सार्वजनिक रूप से बहुत कम ही नजर आए हैं। इसके बावजूद राष्ट्रपति पेजेशकियान ने उनकी मौजूदगी को ईरान की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि उनकी छत्रछाया में देश अपने रास्ते पर और मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।
पेजेशकियान ने दुनिया भर के मुसलमानों से एक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब सभी मुसलमान एकजुट होंगे, तो वे बाहरी शक्तियों की बुरी चालों और चुनौतियों का डटकर सामना कर सकेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि तमाम दबावों के बाद भी ईरान खुद को और ज्यादा मजबूत करने का प्रयास करता रहेगा।