

Marco Rubio on PM Modi-Pezeshkian Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गीस्तान की राजधानी बिश्केक गए थे। पीएम मोदी ने इस दौरान सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की थी। अब इसे लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने उन देशों को चेतावनी दी है जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं।
मार्को रुबियो ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में कहा कि भले ही वो कोई भी देश हो, अगर वह ईरान के साथ व्यापार जारी रखता है, तो उसके खिलाफ ट्रंप प्रशासन प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकिचाएगा और न ही पीछे हटेगा। हालांकि रुबियो ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी प्रकार का कोई समझौता हुआ है।
इंटरव्यू के दौरान रुबियो से बिश्केक में पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात को लेकर सवाल पूछा गया था। सवाल यह था कि- पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान और ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। ऐसा लग रहा है कि दोनों देश कोई बड़ा व्यापारिक समझौता करने की तैयारी में हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने भी ऐसी ही बैठक की थी। उन देशों को आपका क्या संदेश है?
इसके जवाब में मार्को रुबियो ने कहा, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कोई समझौता किया है। हर देश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाता है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो ईरानी शासन के संपर्क में हैं। यहां तक कि हमने भी उनके साथ कुछ बैठकें की है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लेकर स्पष्ट हैं। कोई भी देश जो ईरान को अमेरिकी प्रतिबंध से बचाने का प्रयास करता है या उसके साथ व्यापार करता है। जिसके जरिए ईरान पैसा कमाकर उसका उपयोग आतंकवाद को समर्थन देने या परमाणु हथियार बनाने में करता है, तो ऐसे देशों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमें उस देश पर प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।
पीएम मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से अलग ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की थी। हालांकि, इस मुलाकात को व्यापारिक की जगह पूरी तरह से कूटनीतिक माना जा रहा है। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों के साथ पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे का हल युद्ध नहीं है और इनको बातचीत और कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए।
वहीं, पेजेशकियन ने हालिया संघर्ष में भारत के समर्थन और सहयोग की तारीफ की और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए नई दिल्ली से अपनी कूटनीतिक क्षमताओं का इस्तेमाल करने की अपील की।