

Macron Slams Meloni on murder of Quentin Deranque Case: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हाल ही में भारत के दौर पर आए थे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और बड़े रक्षा समझौते किए। लेकिन भारत से जाते ही वो पीएम मोदी की दोस्त और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भड़क उठे। यह घटना तब घटी जब मेलोनी ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ता क्वेंटिन डेरांके की हत्या की निंदा की थी।
इसी के जवाब में इमैनुएल मैक्रों ने मेलोनी को कड़ी नसीहत दी और कहा कि उन्हें किसी दूसरे देश पर टिप्पणी करने से पहले पूरी जानकारी लेनी चाहिए। मैक्रों ने कहा, "मेलोनी कुछ भी नहीं बोल रही हैं, और यह ठीक नहीं है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेलोनी अपने देश के मामलों में दखल नहीं देना चाहती हैं, लेकिन जब बात दूसरे देशों की आती है, तो तुरंत टिप्पणी करने आ जाती हैं, जो सही नहीं है।
यह पहली बार नहीं है जब मैक्रों और जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनाव हुआ हो। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच गर्भपात के अधिकार और प्रवासन जैसे मुद्दों पर मतभेद हो चुके हैं। 2022 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मेलोनी अपनी दक्षिणपंथी विचारधारा को मजबूती से पेश कर रही हैं। यूरोप में उनके कड़े रुख को लेकर अक्सर आलोचनाएं होती रही हैं।
हालांकि, इस बार मैक्रों ने उन्हें जिस तरह से जवाब दिया है, उससे इटली के राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं। इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि मेलोनी ने केवल फ्रांस के मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया था, बल्कि उन लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई थी जो इस हत्या से प्रभावित थे।
डेरांके की हत्या की घटना फ्रांस के विश्वविद्यालय के बाहर हुई, जहां एक विरोध प्रदर्शन के दौरान 23 साल के डेरांके को छह लोगों ने हमला कर मार डाला। डेरांके एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता था और समाजवादी फ्रांस सरकार का कट्टर आलोचक था। उसके परिवार और दोस्तों का कहना है कि उसकी हत्या जानबूझकर की गई। पुलिस ने इस मामले में 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है। हत्या के आरोप में सत्ताधारी दल के एक नेता का नाम भी सामने आया है, जिसके बाद फ्रांस में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।