सेमीकंडक्टर से डिफेंस तक मचेगी धूम: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति का भारत दौरा, पीएम मोदी संग होगी महाडील

Lee Jae Myung India Visit: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्योंग 19 से 22 अप्रैल तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान सेमीकंडक्टर, ईवी और रक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगेगी।
From Semiconductors to Defense: A Major Buzz Expected South Korean President's Visit to India; Mega-Deal with PM Modi on the Cards
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली जे-म्योंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Lee Jae Myung India Visit Bilateral Meeting: भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के लिए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्योंग 19 से 22 अप्रैल तक भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रमों का पूरा ब्योरा

राष्ट्रपति ली की यात्रा का कार्यक्रम काफी व्यस्त और रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है। अपनी यात्रा की शुरुआत में वे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ शिष्टाचार भेंट करेंगे। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और वैश्विक कूटनीति पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। इसके बाद, राष्ट्रपति ली भारत में रह रहे कोरियाई समुदाय के साथ एक विशेष रात्रिभोज में शामिल होंगे, जिसे दोनों देशों के बीच 'पीपुल-टू-पीपुल' संबंधों को मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अगले दिन राष्ट्रपति ली का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसके बाद वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय शिखर वार्ता है।

सेमीकंडक्टर और ईवी पर रहेगा विशेष फोकस

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली शिखर बैठक में भविष्य की तकनीक और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें विशेष रूप से रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), हरित ऊर्जा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सेमीकंडक्टर और आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वार्ता के समापन के बाद, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।

आर्थिक साझेदारी और व्यापार फोरम

आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए राष्ट्रपति ली 'भारत-कोरिया बिजनेस डायलॉग' और 'बिजनेस फोरम' में भी भाग लेंगे। इस फोरम में दोनों देशों के उद्योग जगत के दिग्गज और प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो नई साझेदारियों और निवेश के अवसरों की तलाश करेंगे। कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी (केआईईपी) में भारत और साउथ एशिया टीम के अध्यक्ष क्यूंगहून किम के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों की आर्थिक सेहत के लिए बेहद अहम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया भर में आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में भारत और दक्षिण कोरिया का एक साथ आना तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोल सकता है।

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