हाफिज सईद का दायां हाथ शेख यूसुफ ढेर! आतंकी भर्ती नेटवर्क का मास्टरमाइंड अब खत्म
Lashkar Commander Killed: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ आतंकी और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी शेख यूसुफ अफरीदी की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
- Written By: प्रिया सिंह
आतंकी शेख यूसुफ अफरीदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Lashkar Commander Killed In Pakistan: पाकिस्तान में लश्कर कमांडर के मारे जाने की खबर से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद को बहुत बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लश्कर के एक बहुत ही प्रभावशाली और वरिष्ठ आतंकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार इस खूंखार आतंकवादी का नाम शेख यूसुफ अफरीदी था जो कि हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता था। अज्ञात बंदूकधारियों ने इस बड़े आतंकी कमांडर को निशाना बनाकर सरेआम गोली मारी और उसे हमेशा के लिए जहन्नुम पहुंचा दिया है।
अफगानिस्तान से सटे ट्राइबल बेल्ट में शेख यूसुफ अफरीदी संगठन के लिए एक बहुत ही विश्वसनीय और मजबूत आयोजक के रूप में काम करता था। वह उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में लश्कर के लिए नए युवाओं की भर्ती और वैचारिक प्रचार का पूरा खतरनाक नेटवर्क पर्दे के पीछे से संभालता था। दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर वह लॉजिस्टिकल सपोर्ट के साथ-साथ इस पूरे इलाके में अपना समर्थन आधार बहुत ही तेजी से मजबूत कर रहा था। खुफिया एजेंसियों के अनुसार वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में तो नहीं दिखता था लेकिन लश्कर की संगठनात्मक मशीनरी का एक बहुत अहम हिस्सा था।
लश्कर का अहम कमांडर
शेख यूसुफ अफरीदी दक्षिण एशिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक लश्कर-ए-तैयबा में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रखता था। वह संगठन के वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों के पीछे की सारी क्षेत्रीय तैयारियों और परिचालन समन्वय को अच्छी तरह से संभालता था। यही मुख्य वजह थी कि वह आतंकी संगठन के लिए काफी मूल्यवान था और लोगों व संसाधनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता था।
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भर्ती नेटवर्क का मास्टरमाइंड
अधिकारियों का ऐसा मानना है कि उसकी पहुंच सिर्फ किसी एक स्थानीय आतंकी ढांचे या छोटे इलाके तक ही बिल्कुल भी सीमित नहीं थी। खुफिया आकलनों में उसे सीमा पार सुविधा चैनलों और युवाओं को गुमराह करके आतंक के रास्ते पर लाने का बहुत बड़ा मास्टरमाइंड माना गया है। इन भारी जिम्मेदारियों के कारण ही उसे लश्कर संगठन के दूसरे स्तर के नेतृत्व का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा माना जाता था।
पर्दे के पीछे से काम
शीर्ष नेताओं पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर रखे जाने या पाबंदियां लगने के बावजूद भी वह संगठन को लगातार और बहुत सक्रिय रखता था। वह स्थानीय स्तर पर मजबूत संपर्क बनाए रखने और संगठन को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने में अपना अहम रोल हमेशा अदा करता था। वह लश्कर के सार्वजनिक चेहरों में बिल्कुल भी शामिल नहीं था, लेकिन खुफिया एजेंसियां उसे पर्दे के पीछे काम करने वाला खतरनाक व्यक्ति मानती थीं।
टारगेट किलिंग का सिलसिला
खैबर पख्तूनख्वा में उसकी मौत पाकिस्तान में आतंकी तत्वों पर हो रहे लक्षित हमलों की बढ़ती हुई बड़ी श्रृंखला का एक अहम हिस्सा है। हाल के कुछ वर्षों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कई बड़े लोगों और आतंकियों की अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा ऐसे ही लगातार हत्या की गई है। विश्लेषक इसे पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी परिदृश्य में एक नई और बहुत ही ज्यादा चिंताजनक प्रवृत्ति के रूप में स्पष्ट तौर पर बता रहे हैं।
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हाफिज सईद को लगा झटका
यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस कुख्यात आतंकी अफरीदी को आंतरिक प्रतिद्वंद्विता या किसी बाहरी विवाद के कारण मारा गया। सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए शेख यूसुफ अफरीदी सिर्फ एक साधारण क्षेत्रीय कमांडर नहीं, बल्कि पूरे आतंकी संगठन की मजबूत रीढ़ की हड्डी जैसा था। उसकी अचानक और बेहद भयानक हत्या से लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात संस्थापक हाफिज सईद के नापाक मंसूबों को एक बहुत ही तगड़ा झटका लगा है।
