

Lahore Crime Sexual Violence Surge: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा तेजी से बढ़ रही है। पंजाब में इस साल के शुरुआती आठ महीनों में यौन उत्पीड़न के 1180 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसी बीच अजरबैजान की 20 साल की महिला से लाहौर के अपार्टमेंट में गैंगरेप का मामला सामने आया है।
ब्रिटेन के अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट अनुसार महिला को नशीली दवा देकर अपराध को अंजाम दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा की पोल खोल दी है। सुरक्षा संस्थाओं की नाकामी के कारण पंजाब में महिलाएं व विदेशी नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बाकू की रहने वाली 20 वर्षीय महिला बिजनेस ट्रिप के सिलसिले में पाकिस्तान आई हुई थी। शनिवार 26 सितंबर को राइविंड के DHA इलाके में उसके साथ यह वारदात हुई। पीड़ित महिला ने बताया कि दो स्थानीय महिलाओं ने उसे रेस्तरां में डिनर पर बुलाया था। डिनर के दौरान वहां तीन पुरुष आ गए जो उन महिलाओं के परिचित बताए जा रहे हैं।
खाना खाने के बाद पुरुषों ने पीड़ित महिला व दोनों महिलाओं को घर छोड़ने का झांसा दिया। लेकिन वे महिला को अनजान फ्लैट में ले गए और वहां नशीली दवा देकर गैंगरेप किया। अपराध के बाद संदिग्धों ने पीड़िता का मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान भी छीन लिया। पीड़िता ने बताया कि वह संदिग्धों के चेहरे देखकर उन्हें आसानी से पहचान सकती है।
लाहौर का डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाका विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपराधों का केंद्र बन रहा है। जुलाई में भी इसी इलाके में नीदरलैंड और वेनेजुएला की महिलाओं से गंभीर अपराध हुआ था। नीदरलैंड व वेनेजुएला की दो महिलाओं को अगवा कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उस मामले में पुलिस ने दो घंटे में पीड़ितों को बचाया और चार आरोपियों को पकड़ा।
वे दोनों महिलाएं मुख्य संदिग्ध मोहम्मद रजा डार के बुलावे पर पाकिस्तान आई थीं। एक ही इलाके में विदेशी महिलाओं को निशाना बनाए जाने से गश्त पर सवाल उठ रहे हैं। लगातार घट रही घटनाओं से साफ है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। स्थानीय व विदेशी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में संस्थाएं विफल साबित हो रही हैं।
यौन हिंसा का एक और दर्दनाक मामला 20 अगस्त को रावलपिंडी में सामने आया था। रावलपिंडी में 45 वर्षीय महिला अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी। ऑस्ट्रेलियाई रिपोर्ट 'पर्ल्स एंड इरिटेशन्स' अनुसार महिला के शरीर पर टॉर्चर के निशान थे। पुलिस ने मृतका के पति फैसल असगर इमाम को घरेलू हिंसा व हत्या में गिरफ्तार किया।
आरोपी फैसल असगर इमाम यूनिवर्सिटी में मेडिकल प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। इस घटना से स्पष्ट है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा में पढ़े-लिखे पुरुष भी शामिल हैं। पाकिस्तान में साक्षर या निरक्षर पुरुष यौन उत्पीड़न, टॉर्चर व हत्या के अपराध कर रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए प्रशासनिक सुधारों की सख्त जरूरत है।