मालदीव के चाल में फंस गई कटरीना कैफ, एक्ट्रेस के बहाने भारतीय टूरिस्ट को लुभाने का प्रयास सफल

बॉयकॉट मालदीव के बाद मालदीव में कटरीना कैफ का ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया जाना, भारत का विरोध करने वाले मालदीव ने आखिरकार भारतीय अभिनेत्री को अपना नया ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर नियुक्त क्यों किया?
मालदीव के चाल में फंस गई कटरीना कैफ, एक्ट्रेस के बहाने भारतीय टूरिस्ट लुभाने का प्रयास सफल
बॉयकॉट मालदीव के बाद मालदीव ने कटरीना कैफ को क्यों बनाया नया ग्लोबल एंबेसडर?
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साल 2024 में भारत और मालदीव के रिश्ते तल्ख हो गए थे। मालदीव के कुछ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बॉयकॉट मालदीव ट्रेंड हुआ यह सब कुछ मालदीव की सत्ता बदलने के बाद हुआ था। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सत्ता में आने के पहले ही भारत विरोधी अभियान की शुरुआत कर दी थी, लेकिन अब ऐसा क्या हुआ कि मालदीव की सरकार ने भारत की एक्ट्रेस कटरीना कैफ को अपने यहां का नया ग्लोबल एंबेसडर नियुक्त किया है?

कटरीना कैफ जब मालदीव पहुंची वहां से उनकी तस्वीर वायरल हुई, तो एक बार फिर सोशल मीडिया पर बॉयकॉट मालदीव को लेकर चर्चा तेज हो गई, लोग यह कहने लगे कि कटरीना कैफ ने अच्छा नहीं किया। वहीं कहा यह भी जाने लगा कि कटरीना कैफ मालदीव के जाल में फंस चुकी है, भारत के बॉयकॉट करने के बाद मालदीव के टूरिज्म बिजनेस पर इससे गहरा असर पड़ा था और मालदीप को कहीं ना कहीं यह समझ आ गया था कि अगर भारतीय टूरिस्ट मालदीव नहीं आएंगे, तो उनका टूरिज्म बिजनेस कमजोर पड़ जाएगा और यही कारण है कि उन्होंने भारत की अभिनेत्री को टूरिज्म का चेहरा बनाया, ताकि भारत के टूरिस्ट वापस से मालदीव का रख करें।

कटरीना कैफ को ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाने का मालदीव का मकसद

2024 में भारत और मालदीव के बीच जैसे रिश्ते थे अब वैसे नहीं हैं, दोनों के रिश्ते में नरमी आ गई है और कटरीना कैफ को ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाने का मालदीव का मकसद यही है कि वह जताना चाहता है कि अब वह भारत के विरोध में नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे मालदीव की यात्रा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद मालदीव की यात्रा करने वाले हैं, कुछ दिनों पहले ही मालदीव के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री की मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी बल्कि यह संकेत था कि भारत और मालदीव के बीच अब रिश्ता सुधार रहा है। क्योंकि भारत से रिश्ते तल्ख करके मालदीव ने खुद अपने लिए ही व्यापार के कई दरवाजे बंद कर दिए थे, जो खुद उसकी सरकार के हित में नहीं था। अब सरकारी आलाकमानों को यह बात समझ में आ गई है कि भारत की दोस्ती ही ठीक है, भारत से दुश्मनी का कोई मतलब नहीं निकलेगा। भारत और मालदीव का रिश्ता बहुत पुराना रिश्ता है, भारत में कई बार मालदीव की मदद की है।

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