जेडी वेंस ने खोली राष्ट्रपति ट्रंप की पोल, कहा- चाहकर भी चीन पर टैरिफ नहीं लगा सकता अमेरिका

US-China Trade Deal: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका चाहकर भी चीन पर टैरिफ नहीं लगा सकता, क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते जटिल हैं और इनमें दुर्लभ खनिजों जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
जेडी वेंस ने खोली राष्ट्रपति ट्रंप की पोल, कहा- चाहकर भी चीन पर टैरिफ नहीं लगा सकता अमेरिका
जेडी वेंस (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Trump Tariff News: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक चौंकाने वाला बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका चाहकर भी चीन पर टैरिफ नहीं लगा सकता। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब ट्रंप द्वारा चीन को दी गई ट्रेड डील की डेडलाइन खत्म होने में केवल एक दिन बचा है।

वेंस ने कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्ते केवल तेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई अन्य जटिल मुद्दों से भी जुड़े हुए हैं, जो हालात को और पेचीदा बना देते हैं। फिलहाल अमेरिका ने चीन पर 30% टैरिफ लगाया हुआ है, जिसकी मियाद 12 अगस्त को खत्म हो रही है। उपराष्ट्रपति के इस बयान के बाद अमेरिकी सियासत में हलचल मच गई है।

चीन को लेकर विचार कर रहें ट्रंप

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप चीन पर टैरिफ लगाने के फैसले पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन पर टैरिफ लगाना कोई आसान फैसला नहीं है। हमारे रिश्ते सिर्फ तेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच कई और अहम मुद्दे हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वेंस का इशारा दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ मेटल्स) की ओर था।

जब ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाए थे, तब चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका पर दोगुना टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर लंबे समय तक तनाव बना रहा।

बाद में चीन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके जवाब में ट्रंप ने पहले अपना फैसला सख्त किया, लेकिन फिर बातचीत के ज़रिए 30% टैरिफ तय हुआ और बदले में चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया। तभी से दोनों देश ट्रेड डील को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

चीन ने जुलाई में 83 हजार करोड़ का तेल खरीदा

ट्रंप टैरिफ का इस्तेमाल रूस पर दबाव बनाने के हथियार के तौर पर किया जा रहा है। भारत पर लगाए गए टैरिफ को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जबकि चीन को इससे छूट मिली हुई है। जुलाई में चीन ने रूस से 10 अरब डॉलर से अधिक का तेल खरीदा, हालांकि 2025 में अब तक की कुल खरीद 2024 की तुलना में 7.7% कम रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com