युद्ध के नाम पर दरिंदगी बर्दाश्त नहीं... UN ने रूस-इजरायल को किया ब्लैकलिस्ट, जंग के दौरान यौन हिंसा के आरोप

UN Blacklist Israel-Russia: संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल और रूस की सुरक्षा एजेंसियों को अपनी ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है। यूएन ने दोनों देशों पर युद्ध के दौरान यौन हिंसा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
UN Blacklist Israel-Russia For Sexual Violence in war
UN ने युद्ध में यौन हिंसा के लिए इजराइल-रूस को ब्लैकलिस्ट किया (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Israeli and Russian Forces Added to UN Blacklist For Sexual Violence: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इजरायल और रूस की सुरक्षा एजेंसियों को लेकर बड़ा फैसला किया है। यूएन ने इजरायल और रूस को युद्ध के दौरान यौन हिंसा करने वाले समूहों की अपनी ब्लैकलिस्ट में शामिल कर लिया है। यह खुलासा समाचार एजेंसी एएफपी ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों के हवाले से किया है।

संयुक्त राष्ट्र हर साल ये लिस्ट जारी करता है, जिसमें उन सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को शामिल किया जाता है जिन पर संघर्ष और युद्ध के दौरान संगठित और लगातार यौन हिंसा करने के आरोप होते हैं। इस लिस्ट में सूडान, हैती, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, म्यांमार, सीरिया और माली जैसे देशों के कई समूहों के नाम पहले से ही शामिल हैं।

एंटोनियो गुटेरेस ने दी थी चेतावनी 

पिछले साल अगस्त में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे लेकर दोनों देशों को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर उनके खिलाफ दर्ज मामलों में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हे इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसके बाद भी दोनों ही देशों के खिलाफ लगातार यौन हिंसा के आरोप लगते रहे। इसके बाद अब यूएन ने उन्हें अपनी इस लिस्ट में शामिल किया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, UN की चेतावनी के बावजूद यूक्रेन युद्ध और कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में यौन हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं और UN ने इनका डॉक्यूमेंटेशन किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों देशों की सरकारों ने UN जांचकर्ताओं को पूरी और स्वतंत्र पहुंच नहीं दी, जिसके कारण कई मामलों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकी।

इजरायसी सेना ने गाजा में की यौन हिंसा

इजरायल को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के दौरान भी कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों और इजरायली हिरासत केंद्रों में बंद फिलिस्तीनियों के साथ यौन हिंसा की गई। UN ने बताया कि उसने 2023 से जुड़े कई मामलों की पुष्टि की है, जिनमें गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में 14 पुरुषों, सात महिलाओं, नौ लड़कों और एक लड़की के खिलाफ यौन हिंसा हुई। इन घटनाओं में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, गुप्तांगों पर हमला, जबरन कपड़े उतरवाना और बिना स्पष्ट सुरक्षा कारण के शारीरिक तलाशी जैसी घटनाएं शामिल थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना ने कई मामलों यौन हिंसा का इस्तेमाल यातना देने के लिए किया।

हालांकि इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र के फैसले को गलत बताते हुए इसकी आलोचना की है।  इजरायल ने महासचिव गुटेरेस के कदम को शर्मनाक और बेतुका बताया। इजरायल का कहना है कि यह फैसला हमास और इजरायल के बीच झूठी समानता स्थापित करने की कोशिश है, जबकि हमास पहले से ही इस सूची में शामिल है। 

रूसी सेना पर भी गंभीर आरोप

वहीं, रूस के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों और रूस के भीतर भी यौन हिंसा की गंभीर घटनाएं हुईं। यह हिंसा मुख्य रूप से रूसी सेना द्वारा युद्धबंदियों के खिलाफ की गई। रिहा हुए कई युद्धबंदियों ने इसके बारे में गवाही दी है। यूक्रेन में मानवाधिकार निगरानी मिशन के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट में 310 मामलों का जिक्र किया गया है। इनमें बलात्कार, गुप्तांग काटना और बिजली के झटके देकर यातना देना शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश पीड़ित पुरुष थे। हालांकि यूक्रेन को इस ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट में उसकी भी आलोचना की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि यूक्रेनी सुरक्षा बलों द्वारा भी युद्धबंदियों के खिलाफ यौन हिंसा के 31 मामले सामने आए।

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