ईरान को 'उत्तर कोरिया'... Trump के संबोधन से पहले बोले मार्को रुबियो, अमेरिकी सेना ने हासिल किया लक्ष्य

Rubio Finish Line Iran War: मार्को रुबियो ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका अपनी 'फिनिश लाइन' देख सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन से पहले आए इस बयान ने वैश्विक हलचल मचा दी है।
Iran to Become 'North Korea'.... — Rubio Speaks Ahead of Trump's Address: US Military Achieved Objective Ahead of Schedule
मार्को रुबियो, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Marco Rubio On Iran War After Trump Speech: वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम होने वाले महत्वपूर्ण संबोधन से ठीक पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है।

फॉक्स न्यूज चैनल के लोकप्रिय कार्यक्रम 'हनिटी' में चर्चा के दौरान रुबियो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध में अपने अंतिम लक्ष्य को साफ तौर पर देख सकता है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि हमें फिनिश लाइन दिख रही है यह आज या कल नहीं लेकिन बहुत जल्द आ रही है।

समय से पहले हासिल किया लक्ष्य

मार्को रुबियो के अनुसार, अमेरिकी सेना अपने निर्धारित लक्ष्यों को या तो समय से पहले हासिल कर रही है या बिल्कुल सही समय पर आगे बढ़ रही है। प्रशासन का मानना है कि ईरान पर किए गए रणनीतिक प्रहारों ने उसे समझौते या घुटने टेकने की स्थिति में ला खड़ा किया है। रुबियो ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच परदे के पीछे संदेशों का आदान-प्रदान जारी है और दोनों पक्षों के बीच जल्द ही सीधी मुलाकात की संभावना भी बन सकती है। हालांकि, उन्होंने इस कूटनीतिक मुलाकात के लिए किसी सटीक समयसीमा की घोषणा करने से इनकार कर दिया।

Trump का '2 से 3 सप्ताह' का फॉर्मूला

यह घटनाक्रम राष्ट्रपति Donald Trump के उन संकेतों के बाद आया है जिसमें उन्होंने युद्ध की जल्द समाप्ति की भविष्यवाणी की थी। व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द यानी दो या तीन हफ्तों के भीतर वहां से निकल जाएगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप ने किसी भी औपचारिक कूटनीतिक समझौते की आवश्यकता को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को समाप्त करने के लिए ईरान को उनके साथ किसी विशेष डील की जरूरत नहीं है, बल्कि अमेरिका अपनी शर्तों पर विजयी होकर बाहर निकलेगा।

जंग के मैदान में बढ़ता तनाव

भले ही वाशिंगटन से शांति और जीत के दावे किए जा रहे हों लेकिन युद्ध के मैदान में हमले थमे नहीं हैं। बुधवार सुबह कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ जिससे वहां के ईंधन टैंकों में भीषण आग लग गई। इसके अलावा, बहरीन में स्थित अमेरिकी दिग्गज कंपनी एमेजॉन के हेडक्वार्टर और अन्य परिसरों पर भी मिसाइल हमले की खबरें हैं जिसे सीधे तौर पर ईरानी जवाबी कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान में सक्रिय IRGC के इंजीनियरिंग प्रमुख महदी वफाई को एक सटीक हमले में मार गिराया है। वफाई पिछले दो दशकों से हिज्बुल्लाह के लिए हथियार भंडारण और भूमिगत ढांचे तैयार करने का मुख्य रणनीतिकार था।

उत्तर कोरिया की राह पर नहीं चलने देंगे

राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को अमेरिकी समयानुसार रात 9 बजे देश को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस संबोधन में वे ईरान की वर्तमान स्थिति, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की प्रगति और भविष्य की विदेश नीति पर बड़ा खुलासा कर सकते हैं। Marco Rubio ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान शासन उत्तर कोरिया की राह पर चलने की कोशिश कर रहा है लेकिन अमेरिका ऐसा कभी नहीं होने देगा। फिलहाल दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस पर टिकी हैं जहां से आने वाला एक संदेश वैश्विक राजनीति और तेल बाजार की दिशा बदल सकता है।

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