फिर होगी तेल-गैस की किल्लत! इजरायल के इस फैसले से पूरी दुनिया में मचा हड़कंप, ईरान पर होने वाला है बड़ा हमला?
Israel Iran War: इजरायल ने सभी सैन्य छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसे ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
Israel Iran Tension: मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। ऐसे समय में इजरायल से सामने आई एक खबर ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने सभी सैन्य छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इस फैसले को संभावित नए सैन्य ऑपरेशन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब इजरायल कथित तौर पर ईरान के खिलाफ एकतरफा सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि, इजरायली सरकार की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या नए हमले की तैयारी कर रहा इजरायल?
इजरायली चैनल 13 की रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि इजरायल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि अमेरिका मौजूदा संघर्ष को उसकी शर्तों पर आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। वहीं, अमेरिकी पक्ष कथित तौर पर युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा है। रिपोर्ट्स में अमेरिकी जनरल डैन केन के ‘ऑफ-रैंप’ तलाशने का भी जिक्र किया गया है। आकलन यह है कि ईरान को केवल हवाई हमलों के जरिए निर्णायक रूप से कमजोर करना मुश्किल हो सकता है।
दूसरी ओर, इजरायल कथित तौर पर अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों को पर्याप्त नहीं मान रहा है और स्वतंत्र रूप से सैन्य कार्रवाई करने के विकल्प पर विचार कर सकता है।
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IDF ने सभी छुट्टियां क्यों रद्द कीं?
इजरायली सेना द्वारा सभी सैन्य छुट्टियां रद्द करने का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी ऐसा कदम उठाया जा चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 फरवरी को भी IDF ने सैन्य छुट्टियां रद्द की थीं। इसके करीब 48 घंटे बाद ईरान से जुड़े एक महत्वपूर्ण ठिकाने को निशाना बनाने वाले हमलों की खबरें सामने आई थीं। यही वजह है कि इस बार भी छुट्टियां रद्द किए जाने को संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल इस फैसले के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि इजरायल ने ईरान पर नए हमले का अंतिम फैसला कर लिया है।
इजरायल में सैनिक(सोर्स- सोशल मीडिया)
ईरान ने हाइफा और तेल अवीव को दी चेतावनी
इजरायल की संभावित कार्रवाई के बीच ईरान की ओर से भी कड़ी चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने संकेत दिया है कि अगर इजरायल तनाव बढ़ाता है तो वह हाइफा और तेल अवीव जैसे प्रमुख इलाकों को निशाना बना सकता है। इस बीच इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। लंबे समय तक चलने वाले मिसाइल संघर्ष की स्थिति में इंटरसेप्टर की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण रणनीतिक चुनौती बन सकती है।
ईरान पहले भी इजरायल की एयर डिफेंस व्यवस्था को चुनौती देने वाले मिसाइल हमले कर चुका है। ऐसे में इजरायल की ओर से किसी नए बड़े हमले की स्थिति में ईरान की जवाबी कार्रवाई का खतरा भी बढ़ सकता है।
नेतन्याहू के सामने राजनीतिक चुनौती?
इजरायल की घरेलू राजनीति को भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स में अक्टूबर में संभावित चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, किसी सैन्य कार्रवाई को केवल चुनावी राजनीति से जोड़ना पर्याप्त नहीं होगा। ईरान के खिलाफ अभियान का फैसला इजरायल की सुरक्षा, सैन्य क्षमता और अमेरिका के साथ उसके रणनीतिक संबंधों जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका पूर्ण समर्थन से पीछे हटता है और इजरायल अकेले बड़े सैन्य अभियान की ओर बढ़ता है, तो उसे ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
अमेरिका-ईरान बातचीत में भी पेच
इजरायल से जुड़ी इन खबरों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी जारी है। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और संघर्ष को समाप्त करने की कोशिशों में होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बना हुआ है। ईरान की ओर से कथित तौर पर स्ट्रेट को दोबारा खोलने के बदले कुछ शर्तें रखी गई हैं। इनमें अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना और युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा जैसी मांगें शामिल बताई जा रही हैं। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े अधिकारियों ने अमेरिका से अपना रवैया बदलने की मांग की है।
क्या फिर बढ़ेगा मिडिल ईस्ट तनाव?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या IDF द्वारा सैन्य छुट्टियां रद्द करना किसी बड़े इजरायली ऑपरेशन का संकेत है या यह केवल एहतियाती सैन्य तैयारी है। अगर इजरायल वास्तव में ईरान के खिलाफ एकतरफा बड़े हमले का फैसला करता है, तो इसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित रहने की संभावना नहीं होगी।
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इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है और तेल आपूर्ति तथा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका-ईरान वार्ता और इजरायल की सैन्य तैयारियों के बीच घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बातचीत तनाव कम करती है या क्षेत्र एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।
