ईरान सीजफायर के बीच इजरायल में बढ़ा खतरा! IDF ने दी चेतावनी, कहा- IRGC के हाथ में गई असली सत्ता

Israel Fear Radical Iran: ईरान में US और इजरायल के सैन्य अभियान के धीमे पड़ने और सीजफायर की चर्चाओं के बीच, IDF ने चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता अब पहले से कहीं अधिक कट्टरपंथी हाथों में है।
Amidst the Ceasefire in Iran, Fears of 'Radicalism' Rise in Israel; IDF Warns: Power Now Rests with the IRGC
ईरान में सीजफायर से इजरायल की बढ़ी चिंता, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Fear Radical Iran Leadership Impact On Ceasefire: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एक ओर जहां पाकिस्तान में सीजफायर के प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है, वहीं दूसरी ओर इजरायली सेना (IDF) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। इजरायली संसद में हुई एक गोपनीय बैठक के दौरान सेना ने नेताओं को आगाह किया है कि ईरान का नया नेतृत्व पूर्ववर्ती राजनीतिक नेतृत्व की तुलना में कहीं अधिक वैचारिक रूप से कठोर और कट्टरपंथी है।

IRGC के सीधे नियंत्रण में सत्ता

इजरायली सेना की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का नया नेतृत्व अब किसी पारंपरिक इस्लामिक शासन के बजाय सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तहत संचालित हो रहा है। यह इजरायल के लिए एक गंभीर संकेत है क्योंकि IRGC को पहले के राजनीतिक नेतृत्व की तुलना में अधिक आक्रामक माना जाता है। विशेष रूप से, मोजतबा खामेनेई का नाम चर्चा में है जिन्हें उनके पिता की तुलना में कहीं अधिक कट्टरपंथी विचारधारा वाला बताया जा रहा है।

इजरायल के लिए बढ़ा खतरा

IDF ने स्पष्ट किया है कि भले ही अमेरिका की भौगोलिक स्थिति उसे ईरान की सीधी पहुंच से दूर रखती हो लेकिन इजरायल पूरी तरह से ईरानी मिसाइलों और सैन्य कार्रवाई की पहुंच में है। अब जबकि ईरान का 'अमेरिकी हमले' का दशकों पुराना डर काफी हद तक कम हो चुका है वह अधिक गतिशीलता और आक्रामकता के साथ इजरायल के खिलाफ अपनी योजनाओं को अंजाम दे सकता है।

सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रहा नाकाम

रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले की शुरुआत के समय अमेरिका और इजरायल का मुख्य लक्ष्य 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) था। युद्ध के शुरुआती चरण में उन्होंने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई को खत्म करने का दावा भी किया था।

हालांकि, जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ा, इजरायल और अमेरिका अपने लक्ष्यों को बदलते गए। वर्तमान स्थिति यह है कि वे अपने शुरुआती उद्देश्य में नाकाम रहे हैं और ईरान में अभी भी वही पुरानी बल्कि अब पहले से ज्यादा खतरनाक सत्ता मौजूद है।

युद्ध के नए उद्देश्य

अब जबकि सीजफायर की बात हो रही है, युद्ध का प्राथमिक उद्देश्य केवल Strait of Hormuz को खुलवाना और ईरान के परमाणु हथियारों को रोकना ही रह गया है। इजरायली विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान इसी कट्टरपंथी रास्ते पर आगे बढ़ता रहा तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक विनाशकारी स्थिति पैदा कर सकता है।

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