

Is Donald Trump Next Target Iran: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है और दोनों को देश से बाहर ले जाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई शहरों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
इस बीच इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री और मौजूदा विपक्षी नेता यायर लैपिड का एक बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया जिसने मध्य पूर्व की राजनीति में नई अटकलों को हवा दे दी है। लैपिड ने लिखा कि ईरान के शासन को वेनेजुएला में जो हो रहा है, उस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषक इस टिप्पणी को ईरान के लिए एक अप्रत्यक्ष चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
शनिवार को वेनेजुएला के कई शहरों में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आईं। हमलों के बाद सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी। ट्रंप ने इन कार्रवाइयों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम लोकतंत्र की रक्षा और 'अस्थिरता फैलाने वाले शासन' के खिलाफ उठाया गया है। हालांकि वेनेजुएला सरकार की ओर से इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है।
लैपिड का बयान ऐसे समय आया है जब ईरान खुद गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है। बीते एक सप्ताह से देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। महंगाई, बेरोजगारी और सख्त धार्मिक नियमों के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। तेहरान, मशहद और कोम जैसे प्रमुख शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन फैल चुके हैं।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों गिरफ्तारियां हुई हैं। अंतिम संस्कारों में भी सत्ता विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में युवा और Gen Z शामिल हैं जो सोशल मीडिया के जरिए संगठित हो रहे हैं।
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिका अपने विरोधी शासनों के खिलाफ सीधा एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि यदि वहां प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका सीधा हस्तक्षेप कर सकता है। ईरान लंबे समय से अमेरिका और इजरायल दोनों की आंखों की किरकिरी रहा है। लैपिड के बयान और वेनेजुएला की स्थिति को देखते हुए अब यह चर्चा जोरों पर है कि क्या ईरान में भी जल्द ही कोई बड़ा सैन्य हस्तक्षेप या तख्तापलट देखने को मिल सकता है।