हवाई सीमा में घुसा विदेशी विमान तो टूटेगा सीजफायर, IRAN ने US-इजरायल को दिया आखिरी अल्टीमेटम

Iran Warning US Israel: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका को जिम्मेदार माना जाएगा और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
Ceasefire Will Be Breached If Foreign Aircraft Enters Airspace; IRGC Issues Final Ultimatum to US and Israel
इज़रायल US ईरान वॉर, (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Iran Warning US Israel Attack Ceasefire Violation: मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर एक बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। ईरान और अमेरिका के बीच भले ही 14 दिनों के अस्थायी सीजफायर का दावा किया जा रहा हो लेकिन इस समझौते पर संकट की तलवार लगातार लटक रही है।

ईरान के सैन्य संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अब इजरायल की ओर से कोई भी हमला होता है तो इसके लिए अमेरिका को भी जिम्मेदार माना जाएगा और उसे निर्णायक जवाब का सामना करना पड़ेगा।

हवाई सीमा के उल्लंघन पर सख्त रुख

ईरान के सशस्त्र बल ने चेतावनी जारी की है कि उसकी हवाई सीमा में किसी भी विदेशी विमान की एंट्री को सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा। बयान में यह भी कहा गया है कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। यदि अमेरिका या इजरायल की तरफ से दोबारा हमला किया गया तो ईरान का जवाब पहले से कहीं ज्यादा कड़ा और ताकतवर होगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इजरायल अब भी लेबनान पर हमले जारी रखे हुए है और सऊदी अरब ने पिछले कुछ घंटों में 9 ड्रोन्स को रोकने का दावा किया है।

'रेजिस्टेंस फ्रंट' को समर्थन जारी रखने का संकल्प

IRGC ने यह भी ऐलान किया है कि वह क्षेत्र में अपने सहयोगी 'रेजिस्टेंस फ्रंट' का समर्थन पूरी मजबूती से जारी रखेगा। इस फ्रंट में लेबनान का हिज्बुल्लाह, फिलिस्तीन का हमास, यमन के हुती और इराक में मौजूद अन्य रेजिस्टेंस गुट शामिल हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इन सक्रिय समूहों को अपना पूरा समर्थन देता रहेगा और किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।

सीजफायर से पीछे हटने की धमकी

तनाव की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि यदि लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहते हैं तो ईरान संघर्ष-विराम समझौते से पीछे हट सकता है। जहां एक तरफ इजरायली रक्षा मंत्री ने लेबनान में हिज्बुल्लाह लड़ाकों को निशाना बनाने की बात कही है वहीं ईरान का रुख यह संकेत दे रहा है कि वह इस समझौते को लेकर बहुत अधिक धैर्य नहीं रखेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में जरा सी चूक भी एक बड़े सैन्य टकराव में बदल सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com