मोसाद चीफ से लेकर पीएम नेतन्याहू तक... ईरान ने जारी की 'हिटलिस्ट', क्या इजरायल पर होगा बड़ा हमला?

Netanyahu Hit List On Iran: ईरान ने पहली बार इजरायली पीएम नेतन्याहू और मोसाद प्रमुख समेत कई सैन्य कमांडरों की हिटलिस्ट जारी की है। नेतन्याहू के अमेरिकी दौरे के तुरंत बाद आए इस कदम ने तनाव बढ़ गया है।
From Mossad Chief to PM Netanyahu... Iran releases 'hit list'; will there be a major attack on Israel?
ईरान के 'हिटलिस्ट' में पीएम नेतन्याहू, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Iran Israel Conflict Latest News: मध्य पूर्व में तनाव एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अब तक दुनिया ने देखा था कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) अपने दुश्मनों की हिटलिस्ट जारी करती थी, लेकिन इतिहास में पहली बार पासा पलट गया है,। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इजरायल के शीर्ष नेतृत्व की एक 'हिटलिस्ट' जारी की है, जिसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम सबसे ऊपर रखा गया है।

नेतन्याहू के US दौरे के बाद एक्शन

दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने यह लिस्ट इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के ठीक बाद जारी की है। नेतन्याहू ने हाल ही में व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, जिसके बाद ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका ईरान के साथ समझौते के लिए बातचीत कर सकता है। हालांकि, इस कूटनीतिक हलचल के बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने उन चेहरों को सार्वजनिक कर दिया है जिन्हें वे अपना प्राथमिक निशाना मानते हैं।

लिस्ट में कौन-कौन शामिल है?

ईरान द्वारा जारी इस सूची में केवल राजनीतिक चेहरे ही नहीं, बल्कि इजरायल की पूरी सुरक्षा मशीनरी के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अलावा, इस हिटलिस्ट में निम्नलिखित नाम प्रमुख हैं:

  • डेविड बर्निया: मोसाद चीफ
  • इसराइल काट्ज़: रक्षा मंत्री
  • इयल ज़मीर: आईडीएफ (IDF) चीफ
  • तोमर बार: एयरफोर्स चीफ
  • श्लोमी बाइंडर: मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ
  • इत्ज़ीक़ कोहेन: ऑपरेशन चीफ

बदले की आग में ईरान

ईरान के इस आक्रामक रुख के पीछे जून 2025 की एक बड़ी घटना मानी जा रही है। उस दौरान इजरायल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' चलाया था जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करना था। उस ऑपरेशन में इजरायल ने ईरान के एक दर्जन परमाणु वैज्ञानिकों और IRGC चीफ हुसैन सलामी समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की हत्या कर दी थी।

अब ईरान की यह हिटलिस्ट उसी का जवाबी पलटवार मानी जा रही है। हालांकि ईरान ने फिलहाल यह खुलासा नहीं किया है कि वह इन टारगेट को कब निशाना बनाएगा लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस लिस्ट के सार्वजनिक होने से दोनों देशों के बीच Proxy War और तेज हो सकता है।

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