ईरान पर हमला कर बुरे फंसे ट्रंप, अमेरिकी जनता से लेकर नेता नाराज, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बिगड़ी बात

US-Iran War: ट्रंप ईरान पर हमले के बाद गंभीर राजनीतिक संकट में फंस गए हैं। युद्ध के कारण तेल आपूर्ति संकट और बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी जनता को नाराज कर दिया है, जिससे उनके पोल नंबर गिरने लगे हैं।
Trump Embroiled Bitter Attack on Iran
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Embroiled Bitter Attack on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले के बाद गंभीर राजनीतिक संकट में फंस गए हैं। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के दो सप्ताह बाद भी संघर्ष जारी है, जिससे पूरा मिडिल-ईस्ट बमबारी और मिसाइलों की चपेट में है। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं और इसके कारण यूरोप से लेकर अमेरिका तक उपभोक्ता नाराज हैं। 

युद्ध की वजह से अमेरिकी नागरिकों की मौतें, तेल की कीमतों में वृद्धि, और वित्तीय बाजारों में गिरावट ने ट्रंप को राजनीतिक रूप से कमजोर कर दिया है। हालांकि, ट्रंप अपनी गलत नीतियों का बचाव करने के लिए मीडिया से नाराज हैं और युद्ध के कारणों या इसे समाप्त करने के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं दे पा रहे।

ट्रंप की ईरान नीति पर डेमोक्रेट्स का हमल

उनका समर्थन करने वाले भी उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे उनके पोल नंबर गिरने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने इस स्थिति का फायदा उठाया है, क्योंकि ट्रंप ने कुछ रूसी तेल शिपमेंट्स पर प्रतिबंधों को आसान कर दिया है, जिससे रूस को लाभ मिल रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी, जो नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, ट्रंप की ईरान नीति पर हमला कर रही है। नेशनल डेमोक्रेटिक ट्रेनिंग कमिटी के सीईओ केली डिट्रिच का कहना है कि ट्रंप प्रशासन लंबी अवधि की योजना बनाने में विफल रहा है और अब अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।

मीडिया कवरेज को लेकर ट्रंप नाराज

डोनाल्ड ट्रंप मीडिया कवरेज को लेकर लगातार शिकायत कर रहे हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया चाहता है कि अमेरिका युद्ध हार जाए। उन्होंने इजरायल को छोड़कर अन्य सहयोगियों को ईरान के खिलाफ युद्ध योजना से अंधेरे में रखा। ट्रंप ने अब सुझाव दिया है कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर रहना होगा, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकर सुरक्षित रूप से गुजर सकें।

इस जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है, और अगर ईरान इसे बंद करता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में और उथल-पुथल मच सकती है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि प्रभावित देश जैसे चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, और यूके, युद्धपोत भेजकर जलडमरूमध्य को सुरक्षित करेंगे।

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