Iran ने रद्द की इस्लामाबाद की शांति वार्ता, सीजफायर उल्लंघन और ट्रंप की धमकियों से फिर बढ़ा तनाव

Ceasefire Violations: Iran ने अमेरिका के विरोधाभासी रवैये और सीजफायर उल्लंघन के कारण इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को रद्द कर दिया है। ट्रंप ने भी ईरान को नई धमकियां दी हैं।
Iran Cancels US Peace Talks in Islamabad Amid Ceasefire Violations and New Threats From Donald Trump
ईरान ने रद्द की इस्लामाबाद की शांति वार्ता (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran US Peace Talks Stall: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को शांत करने की कूटनीतिक कोशिशों को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। Iran ने इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से पूरी तरह से इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के विरोधाभासी व्यवहार और भड़काऊ कार्रवाइयों को इसका मुख्य कारण बताया है। आठ अप्रैल को लागू हुए सीजफायर के बाद से ही दोनों देशों के बीच लगातार नए विवाद पैदा हो रहे हैं।

इस्लामाबाद यात्रा की योजना रद्द

Iran के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस्लामाबाद यात्रा को लेकर स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि तेहरान की फिलहाल इस्लामाबाद जाने और वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसका सीधा कारण अमेरिकी पक्ष की ओर से लगातार मिल रहे विरोधाभासी संदेश और अस्वीकार्य व्यवहार को बताया है।

शांति वार्ता में बड़ी बाधाएं

Iran के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी अमेरिका की नीतियों की बहुत कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका मानना है कि अमेरिका की उकसाने वाली कार्रवाइयां दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा हैं। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका द्वारा बार-बार किए जा रहे युद्धविराम उल्लंघन को भी कूटनीति के लिए बेहद खतरनाक बताया।

अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा

अराघची ने अपने पाकिस्तानी और रूसी समकक्षों के साथ फोन पर अलग-अलग बातचीत करके अपनी चिंताएं साझा की हैं। उन्होंने इस दौरान ईरानी वाणिज्यिक जहाजरानी के खिलाफ लगातार हो रही अमेरिकी कार्रवाइयों का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया है। विशेष रूप से कंटेनर पोत टौस्का और उसके चालक दल की कथित जब्ती को लेकर उन्होंने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।

नाजुक बना हुआ है युद्धविराम

लगातार 40 दिनों की भीषण लड़ाई के बाद आठ अप्रैल को दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू किया गया था। आठ अप्रैल को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे संघर्ष विराम की यह अहम घोषणा पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी राहत थी। हालांकि अब यह संघर्ष विराम बहुत नाजुक स्थिति में पहुंच गया है और इसके किसी भी समय टूटने का खतरा मंडरा रहा है।

मध्यस्थता का पाकिस्तानी प्रयास

इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं में बहुत जरूरी मध्यस्थता की है। पाकिस्तान ने 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की शांति वार्ता की सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से मेजबानी भी की थी। लेकिन अब ईरान ने अगले दौर में अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है जिससे पाकिस्तान के शांति प्रयास विफल होते दिख रहे हैं।

ट्रंप की नई धमकियां

ईरान और अमेरिका के बीच इस अस्थायी संघर्ष विराम की मियाद अब बहुत ही जल्द खत्म होने वाली है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखकर ईरान को फिर से एक नई और गंभीर धमकी दी है। ट्रंप ने साफ तौर पर लिखा है कि ईरान ने कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ी है।

धमकियों से बढ़ता कूटनीतिक तनाव

डोनाल्ड ट्रंप का यह नया बयान ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब इस्लामाबाद टॉक्स के दूसरे दौर पर गहरा संशय बना हुआ है। लगातार दी जा रही इन धमकियों और अमेरिकी बयानबाजी की वजह से शांति प्रक्रिया में एक बार फिर से भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका की ऐसी भड़काऊ नीतियों के कारण ही इस वार्ता को रोकना पड़ा है।

आगे का रास्ता अनिश्चित

अब यह देखना बहुत महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देश इस मौजूदा कूटनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए आगे क्या सख्त कदम उठाते हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई ऐसा सकारात्मक संकेत नहीं मिला है जिससे इस शांति वार्ता के दोबारा शुरू होने की उम्मीद हो। शांति के लिए काम कर रहे सभी देश हालात पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों से बातचीत जारी रखने की अपील लगातार कर रहे हैं।

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