तेल, गैस के बाद अब... सैलानियों के पार्क भी होंगे निशाने पर, ईरान की नई प्लानिंग से दुनियाभर में दहशत

Iran US Israel War: ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता अब्दुलफज़ल शेकरची ने चेतावनी दी है कि वे अब दुश्मनों को मनोरंजन केंद्रों और पार्कों में निशाना बनाएंगे ताकि उन्हें दुनिया भर में ट्रैक किया जा सके।
After oil and gas, tourist parks will also be targeted; Iran's new plan has caused panic worldwide.
ईरान का खौफनाक हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Global Tourism Threat: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। 20 मार्च 2026 (ईद-उल-फितर) के मौके पर ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता अब्दुलफज़ल शेकरची ने एक चौंकाने वाला बयान जारी करते हुए दुनिया भर में दहशत फैला दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अब पारंपरिक युद्धक्षेत्र के बाहर दुनिया भर के पार्क, मनोरंजन स्थल और पर्यटन केंद्र उसके दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।

पर्यटन स्थलों पर हमले की रणनीति

ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वे अब अपने दुश्मनों को छुट्टियों और सैर-सपाटे वाली जगहों पर भी निशाना बनाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका और इजरायल पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और दुनिया भर में उनके अधिकारियों को ट्रैक करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इस ऐलान से वैश्विक पर्यटन उद्योग में चिंता की लहर दौड़ गई है।

मिसाइल उत्पादन और सैन्य क्षमता का दावा

एक ओर जहां अमेरिका-इजरायल दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है, वहीं ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि युद्ध के भीषण दौर में भी उनका मिसाइल निर्माण कार्य लगातार जारी है और उनके हथियार भंडार में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स यह भी संकेत देती हैं कि हालिया हवाई हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को नुकसान पहुंचा है।

ऊर्जा संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चोट

ईरान ने केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी दुनिया को घेरने की कोशिश की है। हाल के दिनों में कुवैत की मिना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले और दुबई व सऊदी अरब में मिसाइल हमलों की कोशिशों ने तेल आपूर्ति को बाधित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं, जिसके 200 डॉलर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

इंटरनेट और फर्टिलाइजर पर भी खतरा

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली इंटरनेट केबल्स को बाधित करने की भी धमकी दी है, जिससे वैश्विक संचार व्यवस्था चरमरा सकती है। इस युद्ध का सीधा असर एशियाई देशों, विशेषकर भारत जैसे तेल और उर्वरक आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है। पर्यटन स्थलों पर ताजा खतरे की चेतावनी ने इस संघर्ष को एक ऐसे अनिश्चित भविष्य की ओर धकेल दिया है जहां पूरा विश्व एक बड़े वैश्विक संकट की चपेट में आ सकता है।

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