मिडिल ईस्ट में महाविनाश! ईरान ने मार गिराया 3.4 करोड़ डॉलर का अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद

Iran Shot Down US MQ9 Drone: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अब विनाशकारी मोड़ पर है। ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का दावा किया है।
Catastrophe in the Middle East! Iran shoots down a US MQ-9 drone worth $34 million; Strait of Hormuz completely shut down.
सांकेतिक फोटो (सो, सोशल मीडिया)
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Iran Shot Down US MQ9 Drone Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जो बहुत ही विनाशकारी हो गया है। शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात हुए हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।

ईरान की ओर से किए गए बड़े दावों और अमेरिकी सेना की लगातार बमबारी के बीच वैश्विक समुदाय इस महाविनाश को रोकने में अब तक बेअसर साबित हुआ है।

अमेरिकी MQ-9 ड्रोन तबाह

ईरानी मीडिया और 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया है कि उन्होंने बुशेहर के ऊपर उड़ान भर रहे एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि करीब 3.4 करोड़ डॉलर की कीमत वाला यह अत्याधुनिक ड्रोन ईरानी डिफेंस सिस्टम के हमले में कुछ ही पलों में नष्ट हो गया।

हालांकि, अमेरिका की ओर से इस ड्रोन को गिराए जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों में लगी आग

युद्ध की आग अब समुद्र तक फैल चुकी है। होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में दो तेल टैंकरों में भीषण आग लगने की खबर है। ईरान का दावा है कि इन टैंकरों ने ईरानी नौसेना की चेतावनी को नजरअंदाज किया और बारूदी सुरंगों वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गए, जिसके कारण उनमें विस्फोट हुआ।

इस घटना के बाद IRGC ने घोषणा की है कि अमेरिकी आक्रामकता के कारण होर्मुज स्ट्रेट अब अत्यधिक असुरक्षित और पूरी तरह से बंद है। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में भारी हाहाकार मचने की आशंका है।

अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल अटैक

ईरान ने केवल डिफेंसिव ही नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाते हुए कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उनकी मिसाइलों ने जॉर्डन के 'मुवाफ़्फ़क साल्टी' एयर बेस पर सटीक हमला किया है, जहां अमेरिकी सेना की बड़ी मौजूदगी है।

दावा किया जा रहा है कि अमेरिका की दर्जनों एयर डिफेंस मिसाइलों के बावजूद ईरानी मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहीं। इसके अलावा बहरीन में अमेरिकी ड्रोन डिपो और AI सेंटर को भी मिसाइलों से उड़ाने का दावा किया गया है।

ट्रंप का ग्राउंड ऑपरेशन का संकेत

पिछले सात दिनों से ईरान के कई शहरों पर अमेरिका की भीषण बमबारी जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर 'ग्राउंड ऑपरेशन' शुरू करने के संकेत दे रहे हैं।

इस भीषण तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर यह है कि चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी हमलों के बावजूद वहां भारत द्वारा संचालित टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। फिलहाल, खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं।

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