ईरान ने की बड़ी गलती! खुद संकट में घिरे खामेनेई ने रूस को दिए हजारों करोड़ के हथियार, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Iran-Russia Arms Deal: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान ने आंतरिक अशांति और अमेरिकी खतरों के बावजूद रूस को हजारों करोड़ के घातक मिसाइल हथियार बेचकर अपनी सुरक्षा को जोखिम में डाला है।
Iran made a huge mistake! Khamenei, already facing a crisis himself, supplied Russia with weapons worth billions of dollars, a report reveals.
खामेनेई ने रूस को दिए हजारों करोड़ के हथियार फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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Iran-Russia Defence Deal: ईरान और रूस के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरान ने अक्टूबर 2021 से अब तक रूस को करीब 27 हजार करोड़ रुपये के मिसाइल हथियार सप्लाई किए हैं। यह सौदा उस समय किया गया जब यूक्रेन युद्ध शुरू होने वाला था और ईरान खुद घरेलू मोर्चे पर अस्थिरता का सामना कर रहा था।

कौन-कौन से घातक हथियार मिले रूस को?

रिपोर्ट के अनुसार, रूस को ईरान से मिलने वाली सहायता केवल ड्रोन आपूर्ति तक सीमित नहीं रही है। ईरान ने रूस को भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मुहैया कराए हैं। इसमें Fath-360 जैसी शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं, जिनकी सैकड़ों इकाइयां रूस को सौंपी गई हैं। इसके अलावा करीब 500 अन्य कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 200 सतह-से-हवा में मार करने वाली (SAM) मिसाइलें भी इस सैन्य सहयोग का हिस्सा बताई गई हैं। साथ ही, इस समझौते के तहत रूस को लाखों की संख्या में तोपों के गोले और अन्य प्रकार का गोला-बारूद भी मिला है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन हथियारों की आपूर्ति से यूक्रेन युद्ध में रूस की सैन्य क्षमता और उसकी रणनीतिक स्थिति को उल्लेखनीय मजबूती मिली है।

Shahed से Geran-5 तक की तकनीक सौंपी

ईरान ने रूस को न केवल हथियार दिए, बल्कि उन्हें बनाने की तकनीक भी ट्रांसफर की है। Shahed-136 कामिकाजे ड्रोन को रूस में 'Geran-2' के नाम से असेंबल किया जा रहा है। इस ड्रोन तकनीक के लिए 2023 की शुरुआत में 1.75 अरब डॉलर का करार हुआ था। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी 2026 में रूसी सेना ने पहली बार Geran-5 स्ट्राइक ड्रोन का उपयोग किया है। यह ड्रोन करीब 6 मीटर लंबा है और इसका विंगस्पैन 5.5 मीटर है जो इसे पहले के वर्जन से कहीं अधिक घातक बनाता है।

ईरान के लिए क्यों है यह बड़ी गलती?

ईरान ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब वह खुद दोतरफा संकट में है। एक तरफ देश के भीतर हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दे चुका है। ऐसे में अपनी मिसाइलों और रक्षा प्रणालियों का एक बड़ा हिस्सा रूस को बेच देना, ईरान की अपनी रक्षा तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े करता है। कुल मिलाकर, 2021 के अंत से अब तक रूस ने ईरान से 4 अरब डॉलर से ज्यादा के सैन्य उपकरण खरीदे हैं।

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