होर्मुज स्ट्रेट (Image- Social Media)
Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की इच्छा तो जताई है, लेकिन सबसे अहम मुद्दे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने से साफ इनकार कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान की ओर से एक युद्धविराम प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, तेहरान(Iran) ने साफ कर दिया है कि वह अस्थायी सीजफायर के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को तैयार नहीं है।
ईरान(Iran) ने कहा है कि उस पर दबाव डालकर या डेडलाइन देकर युद्धविराम के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिया गया अल्टीमेटम खत्म होने वाला है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका की मंशा स्थायी शांति समझौते को लेकर गंभीर नहीं लगती, इसलिए वह जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला नहीं करेगा।
इससे पहले जो मसौदा सामने आया था, उसमें दो चरणों में सीजफायर लागू करने की बात कही गई थी—
सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव के तहत दोनों पक्ष सहमत होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात भी शामिल थी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इसे बंद रखना न सिर्फ क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकता है। फिलहाल, बातचीत जारी है, लेकिन ईरान के इस रुख से साफ है कि सीजफायर की राह अभी आसान नहीं है।
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इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि मंगलवार शाम तक ईरान(Iran) कुछ नहीं करता, तो उसके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और न ही कोई पुल सुरक्षित रहेगा। ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “मंगलवार, रात 8:00 बजे ईस्टर्न टाइम (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह)”। इससे पहले रविवार को एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने बुनियादी ढांचे पर हमलों की चेतावनी दी थी, लेकिन तब उन्होंने कोई निश्चित समय नहीं दिया था। अब उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे का समय तय किया है।