मिडिल ईस्ट अलर्ट पर! ट्रंप की धमकियों से घबराए गल्फ देश, क्या ईरान में छिड़ने वाला है महायुद्ध?

Iran Protests Latest News In Hindi: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और ट्रंप की चेतावनी के बाद गल्फ देशों में चिंता बढ़ी है। जीसीसी ने हालात पर नजर रखते हुए कूटनीति पर जोर दिया है।
The Middle East is on high alert! Gulf countries are alarmed by Trump's threats. Is a major war about to break out in Iran?
ईरान अमेरिका तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Threats Against Iran: ईरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के खिलाफ आम जनता सड़कों पर उतर आई है।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सीधे तौर पर ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सरकार विरोधी नारे और विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे ईरानी प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

ईरान को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करती है, तो अमेरिका जवाबी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप की इस सीधी धमकी ने पश्चिम एशिया में तनाव को और गहरा कर दिया है।

गल्फ देशों में हलचल तेज

ट्रंप के बयानों के बाद गल्फ देशों में भी हलचल तेज हो गई है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC)  जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान शामिल हैं। ये सभी देश ईरान की स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखे है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जीसीसी देशों ने मंत्री स्तरीय बैठकों का आयोजन किया, हालांकि ये बैठकें सार्वजनिक नहीं रहीं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में ईरान में बढ़ते तनाव, संभावित अमेरिकी कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही जीसीसी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया। गल्फ देशों का स्पष्ट मानना है कि किसी भी तरह का सैन्य टकराव पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।

इस बीच सऊदी अरब ने ईरानी सरकार के साथ संवाद बनाए रखते हुए समर्थन का संकेत दिया है। वहीं यूएई, सऊदी अरब और अन्य गल्फ देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी लगातार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से फोन पर बातचीत कर रहे हैं, ताकि हालात को बिगड़ने से रोका जा सके।

कोई बड़ा कदम उठा सकता है अमेरिका

विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला में अमेरिका की पिछली कार्रवाइयों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि ईरान के मामले में भी अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर कोई बड़ा कदम उठा सकता है। हालांकि फिलहाल किसी भी गल्फ देश ने ट्रंप की धमकियों का खुलकर समर्थन या विरोध नहीं किया है। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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