बड़ी राहत: ईरान ने खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेबनान सीजफायर के बीच जहाजों के लिए रास्ता साफ

Iran Opens Strait Of Hormuz: लेबनान में जारी युद्धविराम के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया है।
Major Relief: Iran Reopens Strait of Hormuz; Path Cleared for Ships Amid Lebanon Ceasefire
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, (डिजाइन फोटो)
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Iran Opens Strait Of Hormuz News In Hindi: मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी सुखद खबर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि लेबनान में प्रभावी युद्धविराम (Ceasefire) के मद्देनजर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। यह निर्णय युद्धविराम की शेष अवधि तक प्रभावी रहेगा, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति में स्थिरता आने की उम्मीद है।

इस मार्ग से होगी जहाजों की आवाजाही

ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस जलमार्ग से जहाजों का आवागमन पूरी तरह से सुरक्षित होगा लेकिन इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि जहाजों को ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन (Ports and Maritime Organisation of Iran) द्वारा पहले से घोषित समन्वित मार्ग (Coordinated Route) का पालन करना होगा। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में ईरान की एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप और चीन की भूमिका

इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्होंने चीन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है। उनके अनुसार, चीन और ईरान दोनों ही होर्मुज से नाकेबंदी हटाने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिका का स्पष्ट रुख था कि सीजफायर की बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ईरान का होर्मुज खोलना पहली अनिवार्य शर्त है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को विस्तार देने पर भी सहमति बनती दिख रही है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव

ईरान पर यह फैसला लेने के लिए जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय दबाव भी था। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली देशों के नेतृत्व में पेरिस में 40 देशों की एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है जिसका मुख्य एजेंडा होर्मुज की नाकेबंदी को खत्म करवाना था।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान वर्तमान स्थिति में एक साथ इतने देशों के साथ सीधे टकराव का जोखिम नहीं उठाना चाहता था, जिसके चलते उसने कूटनीतिक रास्ता चुनना बेहतर समझा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे प्रमुख केंद्र है और इसके फिर से खुलने से कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होने की प्रबल संभावना है।

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