Iran Gas Discovery: अमेरिका के साथ जारी युद्ध और कड़े प्रतिबंधों के बीच ईरान ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी खोज का दावा किया है। ईरान के दक्षिणी फार्स प्रांत में एक विशाल प्राकृतिक गैस भंडार मिलने की जानकारी सामने आई है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, नए गैस क्षेत्र में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा प्राकृतिक गैस मौजूद है। इसमें से करीब 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस निकाली जा सकती है।
यह खोज ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों से जुड़ी चुनौतियों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में दबाव का सामना कर रहा है।
ईरान के पास पहले से ही करीब 34 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर प्रमाणित प्राकृतिक गैस भंडार मौजूद है। इस मामले में रूस के बाद ईरान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है।
हालांकि, बड़े गैस भंडार के बावजूद ईरान को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ता रहा है। देश में कई बार गैस की कमी, बिजली कटौती और उद्योगों के संचालन में बाधा जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि ईरान अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा घरेलू खपत में ही इस्तेमाल करता है।
नई खोज कागज पर ईरान के लिए बड़ी राहत है, लेकिन इसे जमीन से निकालकर बाजार तक पहुंचाना आसान नहीं होगा। इसके लिए बड़े निवेश के साथ आधुनिक तकनीक और मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।
अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की विदेशी कंपनियों, निवेश और अत्याधुनिक ऊर्जा तकनीक तक पहुंच पहले से सीमित है। ऐसे में नए भंडार का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना ईरान के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है।
इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष के बीच ईरान के ऊर्जा ढांचे पर भी दबाव बढ़ा है। ईरान ने जुलाई में दावा किया था कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण उसके दैनिक गैस उत्पादन में करीब 23 करोड़ घन मीटर की कमी आई।
ऐसे समय में नए गैस क्षेत्र की खोज ईरान के लिए ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने की उम्मीद जरूर पैदा करती है।
दक्षिणी ईरान में हाल के वर्षों में यह दूसरी बड़ी गैस खोज बताई जा रही है। अक्टूबर 2025 में ईरान ने पाजन गैस क्षेत्र में करीब 10 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस और कम से कम 20 करोड़ बैरल कच्चे तेल मिलने का ऐलान किया था।
ईरान के मुताबिक, वहां से करीब 7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस निकाली जा सकती है। हालांकि, उत्पादन शुरू करने में करीब 40 महीने लगने का अनुमान बताया गया था।
इससे साफ है कि ईरान के पास जमीन के नीचे ऊर्जा का बड़ा भंडार है, लेकिन उसे निकालना और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।
ईरान के गैस उत्पादन में साउथ पार्स गैस फील्ड की अहम भूमिका है। यह विशाल गैस क्षेत्र कतर के साथ साझा है। संघर्ष के दौरान इस क्षेत्र से जुड़े ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।
इसका असर ईरान की गैस उत्पादन क्षमता और घरेलू ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
गैस खोज के अलावा ईरान के तेल कारोबार को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, मार्च से जुलाई 2026 के बीच तेल बिक्री से करीब 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा देश में आई। यह रकम 2025 की इसी अवधि के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
हालांकि, युद्ध और प्रतिबंधों के कारण आने वाले समय में ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
ईरान के ऊर्जा कारोबार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और एलएनजी पहुंचाने में इसकी अहम भूमिका है।
युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और एलएनजी के इस मार्ग से गुजरने का अनुमान लगाया जाता था। कतर भी अपने लगभग पूरे एलएनजी निर्यात के लिए इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर है।
ऐसे में ईरान की नई गैस खोज भले ही लंबे समय में उसकी ऊर्जा क्षमता बढ़ा सकती है, लेकिन युद्ध, प्रतिबंध, निवेश की कमी और होर्मुज से जुड़ी भू-राजनीतिक चुनौतियां यह तय करेंगी कि इस गैस के भंडार का वास्तविक आर्थिक फायदा ईरान को कितनी जल्दी मिल पाता है।