ईरान ने यूएई के नेचुरल गैस फैसिलिटी हबशन पर हमला किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Attack UAE Habshan Gas Facility: मिडिल ईस्ट में जारी जंग लगातार गंभीर होती जा रही है। ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है और अब उसने अपने पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है। इसी बीच, यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने गुरुवार सुबह ईरान द्वारा अबू धाबी की हबशान गैस फैसिलिटी और बाब फील्ड पर किए गए हवाई हमलों की निंदा करते हुए इसे “खतरनाक बढ़ोतरी” करार दिया।
हबशान गैस फैसिलिटी यूएई की राजधानी अबू धाबी में स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों के बाद गैस ऑपरेशन को पूरी तरह बंद करना पड़ा है। इससे पहले, ईरान ने कतर में एक गैस फैसिलिटी पर हमला किया था, जबकि इजरायल ने फारस की खाड़ी में ईरान के साउथ पारस ऑफशोर नैचुरल गैस फील्ड पर हमला किया था, जिसे कतर के साथ साझा किया जाता है।
इजरायल ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखते हुए ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या कर दी और बुधवार को एक ईरानी ऑफशोर नैचुरल गैस फील्ड पर हमला किया। इससे क्षेत्र के ऊर्जा सेक्टर पर गंभीर खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अपने साउथ पारस नैचुरल गैस फील्ड पर हमले की निंदा की। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इन हमलों को “बेकाबू नतीजों” वाला बताया और चेतावनी दी कि ये पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके तुरंत बाद ईरान ने कतर में एक बड़ी नैचुरल गैस फैसिलिटी पर पलटवार किया और फारस की खाड़ी के अन्य पड़ोसी देशों की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले जारी रखे। ईरान होर्मुज स्ट्रेट शिपिंग चैनल पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, जिससे दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत युद्ध के बाद से लगभग 50% बढ़ गई है और अब 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है। इससे गैसोलीन और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
ईरान के खुफिया मंत्री की हत्या के बाद, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने आने वाले “बड़े सरप्राइज” का संकेत दिया। इससे एक दिन पहले, इजरायल ने ईरान के अन्य शीर्ष अधिकारियों, टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर अली लारीजानी और पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड की बासिज फोर्स के प्रमुख जनरल गुलाम रेजा सुलेमानी को भी मार गिराया था।
ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले करके जवाबी कार्रवाई की। इन मिसाइलों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक को निशाना बनाया, जिससे वहां पहली बार युद्ध के दौरान मौतें हुईं और कई घर व व्यवसायों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और UAE पर भी हमले किए।
इस संघर्ष का असर वैश्विक गैस और तेल सप्लाई पर भी पड़ा है। कुछ जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं, लेकिन ईरान ने कहा कि मार्ग खुले हैं, पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर निराशा व्यक्त की।
ईरान ने इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं और कई वॉरहेड वाली मिसाइलें लॉन्च की हैं। लारीजानी की हत्या के बाद, पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सेंट्रल इजरायल पर मिसाइल हमले किए, जिन्हें डिफेंस सिस्टम से बचने की उच्च संभावना बताई जा रही है।
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अली लारीजानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी और न्यूक्लियर बातचीत में सीनियर पॉलिसी एडवाइजर थे। उन पर अमेरिका और अन्य देशों ने पहले भी बैन लगाया था। जनवरी में अमेरिका ने ईरान के विरोध प्रदर्शनों को दबाने में उनकी भूमिका के लिए जनरल सुलेमानी पर बैन लगाया था।
Ans: ईरान और इज़राइल के बीच हमले और जवाबी हमलों की वजह से तनाव बढ़ा है, जिसमें गैस और तेल फील्ड्स को निशाना बनाया जा रहा है।
Ans: यह मुख्य शिपिंग चैनल है जिससे दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% गुजरता है। संघर्ष के चलते इसका नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर रहा है।
Ans: तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड अब 108 डॉलर प्रति बैरल से अधिक है, जिससे गैसोलीन और अन्य वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हुआ।