

Iran LPG Tanker Disha Attack: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर दिखने लगा है। शुक्रवार सुबह ईरानी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में मोजाम्बिक के झंडे वाले एक एलपीजी टैंकर 'दिशा' पर हमला हुआ। सबसे चिंता की बात यह है कि इस जहाज पर 28 भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं।
हालांकि, तेहरान में भारतीय दूतावास ने राहत की खबर देते हुए पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के पीछे अमेरिकी नौसेना का हाथ होने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, हमले से पहले अमेरिकी सैन्य ऑपरेटर के तौर पर पहचान बताने वाले एक कॉलर ने जहाज को बार-बार चेतावनी दी थी।
चालक दल के एक सदस्य द्वारा प्राप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग में यह स्पष्ट सुना जा सकता है कि जहाज को ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ने के लिए नियमों का उल्लंघन करने की चेतावनी दी गई थी और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए महज 15 मिनट का समय दिया गया था।
हादसे की सूचना मिलते ही तेहरान में भारतीय मिशन ने तत्काल स्थिति का जायजा लिया। दूतावास ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि हमले के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि वे स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। दूतावास की एक टीम पूरे घटनाक्रम और जहाज की सुरक्षा पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
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यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव अपने चरम पर है। शुक्रवार को ही उत्तरी इराक के एक शहर, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, वहां विस्फोटक ड्रोनों से हमले की कोशिश की गई। इसके अलावा बहरीन में भी खतरे के सायरन बजने की खबरें सामने आई हैं। यह तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का ऐलान किया।
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच का यह विवाद अब समुद्री व्यापारिक मार्गों तक फैल चुका है। अमेरिका जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सरकार को चुनौती दे रहा है, वहीं ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारे पर अपना दबाव बढ़ा दिया है।
तेहरान का लक्ष्य वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर कुछ रियायतें हासिल करना है, जबकि वाशिंगटन इन हमलों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार सुबह उत्तरी इराक के इरबिल क्षेत्र में अमेरिकी सेना ने विस्फोटकों से लदे पांच ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। गनीमत यह रही कि इस रक्षात्मक कार्रवाई में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।