जहाज हादसे पर जयशंकर के कड़े रुख के बाद झुका ईरान! Hormuz Strait को लेकर भारत को दिया सुरक्षा का नया वादा
Iran Hormuz Strait: भारतीय जहाज पर हमले के बाद ईरान ने भारत को होर्मुज से सुरक्षित व्यापार का भरोसा दिया है। जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की बैठक में यह अहम आश्वासन मिला है।
- Written By: प्रिया सिंह
एस जयशंकर अब्बास अराघची मीटिंग (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Hormuz Strait Trade Security: ओमान के पास भारतीय जहाज पर हुए हमले के बाद समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा चिंताएं बढ़ गई थीं। इसी बीच ईरान ने नई दिल्ली में भारत को इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित व्यापार जारी रखने का पक्का भरोसा दिया है। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एस. जयशंकर से खास मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच पूरे क्षेत्रीय हालात और इस अहम जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर बहुत विस्तार से चर्चा हुई।
ईरान ने भारत को अपना एक भरोसेमंद साझेदार बताया और कहा कि वह होर्मुज में सुरक्षित वाणिज्य के रक्षक की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाएगा। फिलहाल करीब 13 भारतीय व्यापारिक जहाज इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भारत ने पहले ही नागरिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया था। इन जटिल परिस्थितियों के बीच ईरान का यह मजबूत आश्वासन भारतीय समुद्री व्यापार के लिए एक बहुत बड़ी और अहम राहत लेकर आया है।
कठिन हालात और सुरक्षा का वादा
ईरानी विदेश मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि फिलहाल होर्मुज की पूरी स्थिति काफी ज्यादा कठिन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए ईरानी सेना लगातार कोशिश कर रही है और उनसे बातचीत बहुत जरूरी है। इलाके में बिछी बारूदी सुरंगों और अन्य गंभीर खतरों की वजह से व्यापारिक जहाजों के लिए यह कड़ा कदम उठाया जा रहा है।
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ईरान ने दावा किया है कि उसने पहले भी कई भारतीय व्यापारिक जहाजों को इस खतरे वाले इलाके से पूरी तरह सुरक्षित निकाला है। अब्बास अराघची ने कहा कि भविष्य में समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ईरान और ओमान मिलकर गंभीरता से काम कर रहे हैं। इस अहम साझेदारी से सभी देशों के व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही पूरी तरह से सुनिश्चित की जा सकेगी।
युद्धरत देशों के जहाजों की होगी कड़ी जांच
ईरान ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि यह प्रमुख जलडमरूमध्य खुला हुआ है और सभी सामान्य जहाज यहां से आसानी से गुजर सकते हैं। हालांकि जो देश ईरान के खिलाफ किसी भी युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हैं, उनके जहाजों की अतिरिक्त और कड़ी जांच की जाएगी। यह कदम मुख्य रूप से देश की सुरक्षा और समुद्री इलाके को किसी भी तरह के बाहरी खतरे से पूरी तरह बचाने के लिए उठाया गया है।
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ईरानी विदेश मंत्री ने इस दौरान अमेरिका और इजरायल पर भी बहुत तीखा और सीधा कूटनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान ही इन दोनों देशों ने ईरान पर हमला किया जिससे वॉशिंगटन पर फिर से भरोसा करना मुश्किल हो गया है। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके लिए दूसरी तरफ से असल गंभीरता दिखनी चाहिए।
