Explainer: हवा में टूटकर बरसते ‘मौत के टुकड़े’, कैसे ईरान के क्लस्टर बम इजरायल की एयर डिफेंस को कर रहे फेल?

Cluster Bomb Missiles Iran Israel: ईरान ने अपने सुरक्षा प्रमुख की हत्या के बाद इजरायल पर क्लस्टर मिसाइलों से हमला किया है। जानें क्यों इजरायली डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे।
Explainer: ‘Fragments of Death’ Shattering and Raining Down from the Sky—How Are Iran’s Cluster Bombs Bypassing Israel’s Air Defense?
इजरायल पर क्लस्टर मिसाइलों से हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israeli Iron Dome Failure Cluster Bombs: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने उस समय एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया जब ईरान ने इजरायल के खिलाफ क्लस्टर युद्ध सामग्री का इस्तेमाल शुरू कर दिया। 17 मार्च को ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की इजरायली हमले में मौत के कुछ ही घंटों बाद ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे 'प्रतिशोध' बताते हुए मध्य इजरायल पर घातक क्लस्टर मिसाइलों की बौछार कर दी।

क्यों नाकाम हुई इजरायली रक्षा प्रणाली?

इजरायल के अत्याधुनिक हवाई रक्षा तंत्र जो आमतौर पर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए जाने जाते हैं लेकिन इन क्लस्टर हमलों को रोकने में नाकाम होते दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि क्लस्टर मिसाइलों को रोकना इसलिए मुश्किल है क्योंकि ये हवा में ही खुल जाती हैं और एक साथ दर्जनों छोटे बम छोड़ती हैं। यदि मिसाइल को उसके पेलोड खुलने से पहले इंटरसेप्ट नहीं किया गया तो वह एक बिंदु के बजाय कई लक्ष्यों में बदल जाती है जिससे उसे पूरी तरह रोकना लगभग असंभव हो जाता है।

इजरायल को कितना हुआ नुकसान?

इन हमलों का असर इजरायल के कई हिस्सों में देखा गया है। रामल गन इलाके में एक घर के सेफ रूम तक समय पर न पहुंच पाने के कारण 70 की उम्र के एक बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई। इसके अलावा, मिसाइलों ने अराद और डिमोना जैसे शहरों को भी निशाना बनाया जो इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र के करीब हैं। इन हमलों में अब तक इमारतों और ट्रेन स्टेशनों को काफी नुकसान पहुंचा है और युद्ध की शुरुआत से अब तक इजरायल में 4,500 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

सालों बाद कैस फट जाते हैं क्लस्टर बम?

क्लस्टर बमों का सबसे बड़ा खतरा नागरिकों और बच्चों के लिए है। ये बम एक विशाल क्षेत्र में फैल जाते हैं और अक्सर इनमें से कई बम गिरने पर फटते नहीं हैं (इन्हें 'डड्स' कहा जाता है)। ये बिना फटे बम जमीन में दबे रहते हैं और सालों बाद भी विस्फोट कर सकते हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, 2023 में क्लस्टर बमों से हताहत होने वाले 93% लोग आम नागरिक थे।

कानूनी स्थिति और वैश्विक रुख

हैरानी की बात यह है कि दुनिया के 111 देशों ने 2008 के कन्वेंशन के तहत क्लस्टर बमों पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान इस संधि का हिस्सा नहीं हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईरान के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का घोर उल्लंघन बताया है।

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