ट्रंप को मिला था सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर! US का बड़ा दावा, खामेनेई की मौत से घुटनों पर आ गया था ईरान

US-Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने के लिए समझौते के पक्ष में है, जबकि ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप के "सुप्रीम लीडर" वाले बयान ने सुर्खियां बटोरी हैं।
Trump Rejects Offer to Become Iran Supreme Leader
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Rejects Offer to Become Iran Supreme Leader: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों पक्ष जंग को जल्दी खत्म करने के लिए संपर्क में हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है और साफ कहा कि वह किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने एक ऐसी टिप्पणी भी की, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि कुछ ईरानी लोग उनसे अनौपचारिक रूप से कह रहे थे, “आप हमारे अगले सुप्रीम लीडर बन जाओ।” ट्रंप ने हंसते हुए जवाब दिया कि उन्होंने मना कर दिया, क्योंकि दुनिया का कोई देश किसी और देश का सुप्रीम लीडर नहीं बनना चाहेगा।

जल्दी से समझौता करना चाहता ईरान

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को गंभीर रूप से हरा दिया है। उनका कहना था, “हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि किसी ने पहले कभी नहीं देखी। ईरान अब जल्दी समझौता करना चाहता है, लेकिन डर रहा है अपने लोगों के गुस्से और अमेरिकी कार्रवाई से।”

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्र वाला प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कहा गया है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करे, हिजबुल्लाह और अन्य गुटों को समर्थन न दे, और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल दे।

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव खारिज किया

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया। एक ईरानी अधिकारी ने कहा, “ट्रंप अपने आप से बात कर रहे हैं क्या? हम उनके साथ कभी डील नहीं करेंगे, न अब, न भविष्य में।” इसके बदले ईरान ने अपना 5 सूत्र वाला जवाब पेश किया और कहा कि जंग केवल उसकी शर्तों पर ही खत्म होगी।

इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने दावा कि उनके पास खुफिया जानकारी है कि एक अरब देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खर्ग आइलैंड पर कब्जा करने की योजना बना रहा है। गालिबफ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ईरानी इंटेलिजेंस को पुख्ता डेटा मिला है और यह हमला ईरान के पड़ोसी देश की मदद से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो उस अरब देश को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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