Innocent Children Victims Of Aggression 2026: मासूमों पर हिंसा रोकने का संकल्प, जानिए इस दिन का महत्व

Innocent Children Victim Of Aggression: दुनिया में हिंसा का शिकार हुए बच्चों के लिए आज का दिन मुकर्रर है। आज बाल अधिकार को बढ़ावा देने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया जाता है।
International Day Of Innocent Victim Of Aggression, Child abuse and its importance
इंटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम्स ऑफ अग्रेशन (फोटो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

International Day Of Innocent Children Victims Of Aggression: हर साल 4 जून की तारीख को इंटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम्स ऑफ अग्रेशन के तौर पर मनाया जाता है। इसका मतलब है दुनिया भर में हिंसा का शिकार हुए बच्चों का दिन। फिर चाहे यह अग्रेशिव बिहेवियर उन्हें समाज से मिला हो,, घर में मिला हो या स्कूल में मुला हो। इससे बच्चे बुरी तरह से प्रभावित होते हैं।

आज के दिन का महत्व

19 अगस्त 1982 को यूएन जनरल असेंबली ने इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य बच्चों की आवाज को हर नागरिक तक पहुंचाना है। आज न केवल भारत में बल्कि समूचे विश्व में हर साल बच्चे अग्रेशन का शिकार होते हैं। इस अकुशल व्यवहार का बच्चों की मानसिकता पर इतना गहरा असर पड़ता है कि वह कभी पूरी तरह से विकसित ही नहीं हो पाते हैं। 19 अगस्त 1982 को यूएन की एक आपातकालीन महासभा हुई। जिसमें फिलिस्तीन में चल रहे हालात पर चिंता व्यक्त की गई। इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी और लेबनानी मासूम बच्चों के साथ बेहद क्रूरता पूर्ण व्यवहार किया। जिस पर एक्शन लेते हुए कार्रवाई की गई और इस दिन को ध्यान में रखते हुए हर साल 4 जून को दुनियाभर के मासूम बच्चों के लिए तय किया गया, ताकि बच्चों को उनके अधिकार और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जा सकें।

क्या कहता है United Nation

समाज में बच्चे सबसे कमजोर समूह होते है। समाज में उन्हें कई तरह के सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ता है। लड़ाई के लिए मासूमों की भर्ती, अपहरण, हत्या, स्कूलों पर हमला, यौन शोषण, यौन तस्करी हिंसा में शामिल हैं। जबरन शादी और बलात्कार कांगो से लेकर नाइजीरिया, सीरिया से लेकर यमन और म्यंमार के संघर्ष क्षेत्रों में अधिक देखी गई है। इस बारे में संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हाल के वर्षों में बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। हिंसा से प्रभावित संघर्ष क्षेत्रों और उन देशों में रहनेवाले 250 मिलियन बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना जरूरी है।

अग्रेशन इन चिल्ड्रेन (फोटो.सोशल मीडिया)
अग्रेशन इन चिल्ड्रेन (फोटो.सोशल मीडिया)

बच्चों के साथ होने वाले अब्यूज

  • फिजिकल अब्यूज

इस तरह के अब्यूज में बात- बात पर बच्चों को डांट देना, मार देना, चिल्ला देना, उन्हें कभी भी मोटिवेट नहीं करना। बहुत अधिक गुस्सा आने पर बच्चों को मारना शामिल है।

  • मेंटल अब्यूज

बच्चे मानसिक तौर पर भी प्रताड़ित किए जाते हैं। कई बार बच्चे स्कूल में अच्छा परफॉर्म नहीं करते हैं, तब उन्हें डांट लगाई जाती है, पेरेंट्स से शिकायत करने की बात कही जाती है। समाज में अलग-थलग रखा जाता है। इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।

चाइल्ड अब्यूज (फोटो.सोशल मीडिया)
चाइल्ड अब्यूज (फोटो.सोशल मीडिया)
  • इमोशनल अब्यूज

भावनात्मक रूप से बच्चों को प्रताड़ित किया जाना सबसे खतरनाक होता है। बच्चों को इमोशनल ब्लैकमेल कर उनके साथ घिन्नौना काम किया जाता है। इसके साथ ही परिवार में अच्छे-बुरे का भेदभाव करना, घर में ही भाई-बहन में भेदभाव करना भी इमोशनल अब्यूज की श्रेणी में आता है। कुछ बच्चे हिम्मत से आगे बढ़ जाते हैं, कुछ एकदम चुप हो जाते हैं, तो कई बच्चे गलत रास्ता चुन लेते हैं। रिपोटर्स के मुताबिक 5 -14 साल तक के बच्चे इसका सबसे अधिक शिकार होते हैं।

इस तरह से बच्चों का किया जा सकता है बचाव

अग्रेशन के शिकार हो रहे बच्चों के साथ जमीनी स्तर से शुरुआत करना चाहिए। पेरेंट्स अपने स्तर पर बच्चे को समझने की कोशिश करें।

  • बच्चों की एक्टिविटी पर नजर रखें।
  • कम्युनिकेशन गैप नहीं होने दें।
  • आक्रामकता वाली चीजें नहीं दिखाएं।
  • इस तरह के कार्टून भी नहीं दिखाया जाना चाहिए।
  • बच्चे किन लोगों से बात करते हैं, दोस्त कैसे हैं, इस पर नजर रखनी चाहिए।
  • शिक्षक बच्चों में भेदभाव नहीं करें।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com