पेशाब करने से रोका तो...ले ली जान, कनाडा में भारतीय बिजनेसमैन की हत्या से हड़कंप, लोगों में गुस्सा

Canada Hindi News: कनाडा में भारतीय बिजनेसमैन आरवी सिंह सागू की हत्या कर दी गई। आरोपी काइल पापिन ने उनके सिर पर हमला किया। घटना नस्लभेद और दक्षिण एशियाई समुदाय पर बढ़ते हमलों पर चिंता बढ़ाती है।
पेशाब करने से रोका तो...ले ली जान, कनाडा में भारतीय बिजनेसमैन की हत्या से हड़कंप, लोगों में गुस्सा
सांकेतिक तस्वीर
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Canada Indian Origin Businessman Murder: कनाडा के एडमॉन्टन शहर में एक दुखद और हिंसक घटना में भारतीय मूल के बिजनेसमैन आरवी सिंह सागू (55) की हत्या कर दी गई। घटना 19 अक्टूबर 2025 को हुई, जब सागू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डिनर पर गए थे। लौटने पर उन्होंने देखा कि एक अजनबी उनके कार पर पेशाब कर रहा था। जब उसे रोका तो उसने हमला कर दिया जिसमें सागू की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, जब उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की और पूछा, अरे तुम क्या कर रहे हो? तो उस व्यक्ति ने जवाब दिया, मेरा जो मन होगा मैं करूंगा। इसके बाद आरोपी काइल पापिन ने सागू के सिर पर मुक्का मार दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

इसके बाद सागू को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और लाइफ सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन 5 दिन बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि पीड़ित और आरोपी एक-दूसरे को नहीं जानते थे। काइल पापिन को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 4 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस हमले ने कनाडा में भारतीय समुदाय में गहरी चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है, खासकर नस्लभेद और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर। ब्रिटेन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग (ISD) की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में 2019 से 2023 के बीच दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ नफरत अपराधों में 227 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये अपराध न केवल वास्तविक जीवन में बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी हो रहे हैं।

एशियाई लोगों पर बढ़े हमले

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एक्स पर भारतीयों को निशाना बनाने वाले नस्लीय अपशब्दों वाले पोस्ट 2019 से 2023 के बीच 1,350 प्रतिशत बढ़ गए हैं। इसका मतलब यह है कि दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ भेदभाव और हिंसा की प्रवृत्ति गंभीर और लगातार बढ़ रही है।

इसी तरह, ओन्टारियो के ओकविले में एक भारतीय मूल की महिला दुकानदार के साथ नस्लीय गालियों की घटना वायरल हुई थी, जिसमें उसे धमकी दी गई थी कि अपने फर्जी देश वापस चले जाओ। इसके अलावा, कई दक्षिण एशियाई कर्मचारियों को स्थानीय किशोरों द्वारा बार-बार परेशान किया जा रहा है।