India UAE साझेदारी मजबूत: जयशंकर ने UAE संग द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की

S. Jaishankar in UAE: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अबू धाबी में UAE के साथ 16वीं संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता की। CEPA, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, रक्षा और IMEEC पर द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा हुई।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर अबू धाबी UAE में (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India UAE Partnership Strong: विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अबू धाबी में उन्होंने 16वीं संयुक्त आयोग बैठक और 5वीं रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस मजबूत सहयोग को क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।

जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री के साथ की बैठक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने 16वीं संयुक्त आयोग बैठक और पांचवीं रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और भविष्य की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा कि आज के समय में भारत और यूएई का गहरा सहयोग साझा हितों को आगे बढ़ाता है और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्थिरता में योगदान देता है।

व्यापार और कनेक्टिविटी पर जोर

बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) और द्विपक्षीय निवेश संधि के बाद व्यापार, निवेश, वित्तीय तकनीक और डिजिटल कनेक्टिविटी में हुई प्रगति की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़ी संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाया। इसमें महत्वपूर्ण पहलें जैसे भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEEC) शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापार को नई दिशा दे सकती हैं।

ऊर्जा, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तार

जयशंकर ने सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा सहयोग के विस्तार की बात कही, जिसमें विशेष रूप से नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग शामिल है। इसके अलावा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने और रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।

उन्होंने लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और ध्रुवीय अनुसंधान जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी समन्वय को भी अहम बताया।

यूएई के उपराष्ट्रपति से भी हुई मुलाकात

सोमवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के उपराष्ट्रपति शेख मंसूर बिन जायद बिन सुल्तान अल नाहयान से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर उपयोगी बातचीत हुई।

इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्री ने यूएई की प्रमुख निवेश कंपनी मुबाडाला के प्रबंध निदेशक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी खलदून खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बैठक में वैश्विक भू-आर्थिक परिदृश्य और भारत-यूएई संबंधों को मजबूत करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

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