Nagpur Development: नागपुर को बड़ी सौगात, 9 नये विद्युत उपकेंद्रों को CM फडणवीस ने दी मंजूरी

Nagpur power substation: नागपुर में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए 9 नये विद्युत उपकेंद्रों को मंजूरी। सीएम फडणवीस ने शहर विकास कार्यों की समीक्षा की।
Nagpur power substation: नागपुर में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए 9 नये विद्युत उपकेंद्रों को मंजूरी। सीएम फडणवीस ने शहर विकास कार्यों की समीक्षा की।
शहर विकास पर CM फडणवीस की समीक्षा बैठक (सौजन्य-नवभारत)
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Industrial Growth Nagpur: महानगर के विस्तार के साथ यदि बुनियादी सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के साथ नहीं होगा तो नागरी सुविधाओं में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन बुनियादी सुविधाओं में बढ़ती बिजली की मांग और इसके निरंतर आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विधुत उपकेंद्रों की स्थापना आवश्यक है।

नागपुर के खामला क्षेत्र में लंदन स्ट्रीट जैसी बड़े परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए वहां 220 केवी का विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने महानगरपालिका को निर्देश दिए। इसके साथ ही, बूटीबोरी क्षेत्र में नये औद्योगिक और आवासीय विकास को देखते हुए बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए 400 केवी के उपकेंद्र के लिए एमआईडीसी भूमि उपलब्ध कराने का भी महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

इस साल 2 नए उपकेंद्र की शुरुआत

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में नागपुर महानगर के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक विधानसभा भवन के कैबिनेट सभागृह में हुई।नागपुर की बढ़ती बिजली की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष जाटतरोडी और पांचगांव में 2 नये विद्युत केंद्र चालू किए गए हैं। इसके साथ ही खापरी और उमरेड उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई गई है।

ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला ने बताया कि लेंड्रापार्क, मिहान, येनवा और बूटीबोरी (आवाडा) में उपकेंद्रों का निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा कडवली और बाजारगांव में कार्य चल रहा है और कन्हान व सेलू में नये उपकेंद्रों की योजना बनाई गई है, साथ ही हिंगना, महालगांव, एमआईडीसी उमरेड, दाभा, पावनगांव, काटोल और नेरी में 7 उपकेंद्रों को मंजूरी दी गई है।

नागपुर के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और रोजगार क्षेत्रों को देखते हुए, नवीन नागपुर और रिंग रोड परियोजना के लिए हुडको से लिए गए 7,800 करोड़ रुपये के कर्ज पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तीय गारंटी देने का निर्णय लिया गया। इसमें न्यू नागपुर के लिए 3,000 करोड़ रुपये और रिंग रोड के लिए 4,800 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस विस्तार और परियोजना का प्रस्तुतीकरण नागपुर सुधार प्रन्यास के अध्यक्ष संजय मीणा ने बैठक में किया।

आवास योजना, मनपा कर्मियों और पुलिस विभाग पर चर्चा

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिक से अधिक जरूरतमंदों को घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके अनुसार जयताला में म्हाडा की लगभग 11,913.19 वर्गमीटर भूमि और हुडकेश्वर की 4,625 वर्गमीटर शासकीय भूमि नागपुर महानगरपालिका को आवास परियोजनाओं के लिए नाममात्र दर पर हस्तांतरित की जाएगी।

बैठक में मनपा के सेवा प्रवेश नियमों में सुधार कर कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता देने का निर्णय भी मंजूर हुआ, साथ ही अधिसंख्य सफाई कामगार पदों पर नियुक्त कर्मचारियों के वारसों को लाड पागे समिति की सिफारिशों के अनुसार वारसा हक लाभ देने की कार्यवाही की समीक्षा मुख्यमंत्री ने की।

बैठक में उपस्थिति

पुलिस विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस आयुक्तालय, पुलिस महासंचालनालय और प्रशासन मिलकर नये पुलिस स्टेशन, आवश्यक मनुष्य बल और विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें।

बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राज्य के राजस्व मंत्री एवं जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक कृष्णा खोपड़े और प्रवीण दटके, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असिम कुमार गुप्ता, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओपी गुप्ता, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, गृह विभाग के प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी और अनूप कुमार सिंह, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, मनपा आयुक्त अभिजित चौधरी, नागपुर सुधार प्रन्यास के अध्यक्ष संजय मीणा, पुलिस आयुक्त रवींद्र कुमार सिंगल, जिलाधिकारी विपिन इटनकर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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