भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली 'आर्मी-टू-आर्मी' वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

India South Africa: नई दिल्ली में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें सैन्य प्रशिक्षण आदान-प्रदान और संयुक्त क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई।
India South Africa Defense Talks
भारत-दक्षिण अफ्रीका रक्षा वार्ता(सोर्स- सोशल मीडिया)
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India South Africa Defense Talks: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक और सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता का सफल आयोजन किया गया। यह उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता 16 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।

दोनों देशों की सेनाओं के बीच आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रेनिंग एक्सचेंज और संयुक्त क्षमता निर्माण पहलों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। भारतीय सेना ने इस ऐतिहासिक वार्ता को दोनों मित्र देशों के सैन्य संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

नई दिल्ली में पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच डिफेंस कोऑपरेशन को मजबूत करने के लिए पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। यह हाई-लेवल बाइलेट्रल मीटिंग 16 से 18 सितंबर 2026 तक चली, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों ने विभिन्न मिलिट्री मुद्दों पर चर्चा की।

भारतीय सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस वार्ता की जानकारी शेयर की। बैठक के दौरान मिलिट्री ट्रेनिंग के एक्सचेंज और जॉइंट कैपेसिटी बिल्डिंग से जुड़ी संभावनाओं पर विस्तार से विचार किया गया।

भारतीय सेना के अनुसार, पहली स्टाफ टॉक्स दोनों देशों के बीच मिलिट्री रिलेशंस को और व्यापक तथा मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बातचीत के जरिए दोनों सेनाओं के बीच कोऑपरेशन के नए क्षेत्रों की पहचान पर भी जोर दिया गया।

ट्रेनिंग एक्सचेंज और जॉइंट कैपेसिटी बिल्डिंग पर चर्चा

बैठक में दोनों देशों के मिलिट्री अधिकारियों ने ट्रेनिंग एक्सचेंज को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही जॉइंट कैपेसिटी बिल्डिंग के जरिए दोनों सेनाओं की कैपेसिटीज और आपसी कोऑपरेशन को मजबूत करने के विकल्पों पर विचार हुआ।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले से ही स्ट्रैटेजिक रिलेशंस हैं। ऐसे में आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ टॉक्स को डिफेंस सेक्टर में बाइलेट्रल कोऑपरेशन को इंस्टीट्यूशनल रूप से आगे बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

पीएम मोदी और सिरिल रामाफोसा की मुलाकात

इस मिलिट्री वार्ता से ठीक पहले नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की मुलाकात हुई थी।

दोनों नेताओं ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मल्टीडायमेंशनल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की समीक्षा की थी। बातचीत में बाइलेट्रल कोऑपरेशन के विभिन्न क्षेत्रों और फ्यूचर पार्टनरशिप को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मिलकर खुशी जताई थी। दोनों देशों के बीच हाई-लेवल कॉन्टैक्ट को स्ट्रैटेजिक रिलेशंस के विस्तार से जोड़कर देखा गया।

ट्रेड, क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी पर भी कोऑपरेशन

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बातचीत में इंडिया-एसएसीयू ट्रेड एग्रीमेंट, माइनिंग और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में कोऑपरेशन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, फूड सिक्योरिटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी डीपीआई को लेकर भी दोनों देशों ने विचार साझा किए।

इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में कोऑपरेशन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे के एक्सपीरियंस और कैपेबिलिटीज का इस्तेमाल करते हुए डेवलपमेंट से जुड़े क्षेत्रों में पार्टनरशिप आगे बढ़ाने की बात कही।

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ग्लोबल साउथ की प्रायोरिटीज पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और दक्षिण अफ्रीका की पार्टनरशिप को साझा इतिहास और फ्यूचर के डेवलपमेंट से जुड़ा बताया है। दोनों देश ग्लोबल साउथ की प्रायोरिटीज को इंटरनेशनल फोरम्स पर सामने रखने को लेकर भी कोऑपरेट करते रहे हैं।

पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ टॉक्स के साथ डिफेंस कोऑपरेशन को नई दिशा देने की कोशिश की गई है। मिलिट्री ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, ट्रेड, टेक्नोलॉजी और डिप्लोमैटिक कोऑपरेशन के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते कॉन्टैक्ट से दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक रिलेशंस के और विस्तार की संभावनाएं बनी हैं।

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