हरिद्वार में हुई इस एक मुलाकात ने मचाई खलबली, दक्षिण अफ्रीका ने भारत से वापस बुलाया अपना राजदूत

South Africa-India: हरिद्वार में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा व अजय गुप्ता से 'सीक्रेट' मुलाकात के बाद विवाद बढ़ा। दक्षिण अफ्रीका ने भारत में तैनात अपने उच्चायुक्त अनिल सूकलाल को तुरंत वापस बुलाया।
south africa recalls high commissioner anil sooklal haridwar jacob zuma ajay gupta meeting
दक्षिण अफ्रिका के हाई कमिश्नरसोशल मीडिया
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South African High Commissioner Called Back From India : भारत और दक्षिण अफ्रीका के कूटनीतिक रिश्तों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दक्षिण अफ्रीका सरकार ने भारत में अपने हाई कमिश्नर अनिल सूकलाल को तत्काल प्रभाव से वापस प्रिटोरिया बुला लिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई के पीछे कोई सामान्य प्रशासनिक कारण नहीं, बल्कि उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई एक 'विवादित मुलाकात' को बताया जा रहा है।

हरिद्वार के मंदिर से शुरू हुआ विवाद

पूरी घटना जून 2026 की है, जब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा निजी दौरे पर भारत आए थे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह हरिद्वार पहुंचे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब जुमा की एक तस्वीर सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में वायरल हो गई। इस तस्वीर में जैकब जुमा के साथ भारत में दक्षिण अफ्रीका के राजदूत अनिल सूकलाल और विवादित बिजनेसमैन अजय गुप्ता एक साथ नजर आ रहे थे।

ये तीनों दिग्गज हरिद्वार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर में एक धार्मिक समारोह के दौरान साथ देखे गए थे। दक्षिण अफ्रीकी सरकार के लिए यह दृश्य असहज करने वाला था क्योंकि इसमें उनके एक सक्रिय राजनयिक, एक पूर्व राष्ट्रपति और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे एक कारोबारी का मेलजोल दिख रहा था।

विवादित कारोबारी अजय गुप्ता और 'स्टेट कैप्चर' का साया

इस विवाद की जड़ें लगभग एक दशक पुरानी हैं। गुप्ता बंधु (अतुल, अजय और राजेश) पर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने करीबी संबंधों का इस्तेमाल करके दक्षिण अफ्रीका की सरकारी व्यवस्था पर अनुचित प्रभाव डाला था। साल 2018 में जब एक न्यायिक आयोग ने उनके खिलाफ बड़े घोटालों की जांच शुरू की, तो गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका छोड़कर फरार हो गया था।

साल 2022 में आयोग की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला निष्कर्ष निकला कि जैकब जुमा ने गुप्ता परिवार के इशारे पर कई मंत्रियों को नियुक्त और बर्खास्त किया था। इसी भ्रष्टाचार के साये के चलते जुमा को अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (ANC) से निकाल दिया गया और अब वह विपक्षी दल MK का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसे में एक भगोड़े आरोपी और निष्कासित राष्ट्रपति के साथ मौजूदा उच्चायुक्त की मुलाकात ने दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

विदेश मंत्री की सख्त कार्रवाई और सूकलाल की सफाई

दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लमोला ने प्रिटोरिया में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पुष्टि की कि उच्चायुक्त अनिल सूकलाल को मुख्यालय वापस बुलाया गया है ताकि इस 'विवादित मुलाकात' पर चर्चा की जा सके। सरकार इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और भ्रष्टाचार के प्रति अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के खिलाफ देख रही है।

दूसरी ओर, अनिल सूकलाल ने इन आरोपों को गंभीरता से न लेते हुए इसे महज एक औपचारिकता बताया है। 'इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में उन्होंने कहा कि "चिंता की कोई बात नहीं है" और वह विचार-विमर्श के दो दिन बाद वापस दिल्ली लौट आएंगे। बता दें कि अनिल सूकलाल दक्षिण अफ्रीकी कूटनीति का एक बड़ा चेहरा रहे हैं और उच्चायुक्त बनने से पहले वह G20 और BRICS में देश के 'शेरपा' के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

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राजनयिक प्रोटोकॉल और कड़ा संदेश

दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपतियों और उप राष्ट्रपतियों के लिए सख्त नियम हैं, विशेषकर जब बात अंतरराष्ट्रीय दौरों और विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने की हो। सरकार का यह कदम संदेश देता है कि वह भ्रष्टाचार के आरोपियों और पुरानी व्यवस्था के दागदार चेहरों के साथ किसी भी प्रकार के राजनयिक जुड़ाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या अनिल सूकलाल वास्तव में दो दिन बाद भारत लौटेंगे या यह विवाद उनकी विदाई का कारण बनेगा।

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