युद्ध का काउंटडाउन शुरू! 7 दिन में पाकिस्तान पर भारत कर सकता है बड़ी कार्रवाई, डर से कांपने लगे PAK के पूर्व उच्चायुक्त

Pahalgam terror attack: अब्दुल बासित अली ने चेतावनी दी है कि पहलगाम में हाल ही में हुए हमले के बाद भारत जल्द ही पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने भारत की 2016 में उरी हमले और 2019 में पुलवामा..
युद्ध का काउंटडाउन शुरू! 7 दिन में पाकिस्तान पर भारत कर सकता है बड़ी कार्रवाई, डर से कांपने लगे PAK के पूर्व उच्चायुक्त
अब्दुल बासित, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
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इस्लामाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। जिसके बाद से  पाकिस्तान घबरा गया है। इसी दौरान भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, जिससे पाकिस्तान को युद्ध की आशंका सताने लगी है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व राजदूत अब्दुल बासित अली ने शहबाज सरकार को सख्त चेतावनी दी है।

अब्दुल बासित अली ने कहा कि पहलगाम में हाल ही में हुए हमले के बाद भारत जल्द ही पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तान के अखबार 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तानी सरकार को सचेत किया कि आने वाले दिनों में देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने भारत की 2016 में उरी हमले और 2019 में पुलवामा हमले के बाद की गई सैन्य कार्रवाइयों का हवाला देते हुए यह आशंका जताई।

सीमा पार से किसी भी वक्त हमला

आपको बता दें कि बिहार में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगाह किया है कि आंतकियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। इसके बाद से पाक को यह डर सता रहा है कि सीमा पार से किसी भी वक्त हमला हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी खुद की सीमा के अंदर भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, जिसके बाद भारत यह कहेगा कि उसने आतंकियों के ठिकानों और लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले एक या दो हफ्तों में कुछ न कुछ घटनाएं घट सकती हैं।

सिंधु जल संधि को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते को फिलहाल रद्द करने से जुड़ी कोई कूटनीतिक अड़चन नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान की तरफ से बलूचिस्तान और अन्य इलाकों में आतंकी गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि को न तो खत्म किया जा सकता है, न ही एकतरफा निलंबित या संशोधित किया जा सकता है।

सिंधु जल संधि को समाप्त नहीं किया जा सकता

अब्दुल बासित ने आगे कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रद्द करने की बात महज एक 'प्रतीकात्मक कदम' है, क्योंकि भारत के पास फिलहाल पश्चिमी नदियों का प्रवाह मोड़ने की आवश्यक आधारभूत संरचना मौजूद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस समय जल प्रवाह को रोकने में सक्षम नहीं है और सिंधु जल संधि को न तो समाप्त किया जा सकता है, न ही उसे निलंबित किया जा सकता है और न ही उसमें एकतरफा बदलाव किया जा सकता है। यह एक स्थायी संधि है और इसमें कोई भी बदलाव दोनों पक्षों की सहमति से ही संभव है।

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