बाकू में भोजपुरी गाने पर थिरके अजरबैजानी डांसर; भारतीय फूड फेस्टिवल में दिखा संस्कृति का अनूठा संगम

India Azerbaijan Diplomacy: अजरबैजान के बाकू में भारतीय फूड फेस्टिवल की धूम रही, वहीं अजरबैजान ने ईरान से 300 भारतीयों को सुरक्षित निकालकर में दोस्ती और कूटनीति का मिसाल दिया।
Azerbaijani Dancers Groove to Bhojpuri Songs in Baku; Indian Food Festival Showcases a Unique Fusion of Cultures.
भारत- अजरबैजान फूड फेस्टिवल बाकू, फोटो (सो. IANS)
Published on
Updated on

India Azerbaijan Diplomacy Food Festival: अजरबैजान की राजधानी बाकू में स्थित भारतीय दूतावास ने हाल ही में एक भव्य 'भारतीय फूड फेस्टिवल' का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने न केवल भारत के समृद्ध खानपान को प्रदर्शित किया, बल्कि स्थानीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों के बीच भारत की सांस्कृतिक विरासत की अमिट छाप छोड़ी।

दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस उत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों के लजीज व्यंजन, रंग-बिरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और कूटनीतिक गतिविधियों का समावेश था।

भोजपुरी गाने पर थिरके डांसर

इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण अजरबैजान के प्रसिद्ध डांसरों, शिरखान और आलिया की प्रस्तुति रही। उन्होंने बिहार के लोकप्रिय भोजपुरी गाने पर थिरक कर वहां मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फेस्टिवल में कई देशों के राजदूत, अजरबैजान के वरिष्ठ अधिकारी, सांसद और बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते 'पीपल-टू-पीपल' कनेक्ट को दर्शाता है।

संकट के समय अजरबैजान ने निभाई 'सच्चे दोस्त' की भूमिका

सांस्कृतिक उत्सवों के बीच भारत-अजरबैजान के रणनीतिक संबंधों में भी एक नई मजबूती देखी गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में अजरबैजान सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ईरान के संघर्षपूर्ण क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में अजरबैजान ने महत्वपूर्ण मदद प्रदान की है। ईरान से भारतीय नागरिकों को जमीन के रास्ते अजरबैजान लाया गया और वहां से उन्हें सुरक्षित भारत भेजा गया। जायसवाल के अनुसार, यह सफल ऑपरेशन दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद और गहरे सहयोग का परिणाम है।

300 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी

भारतीय दूतावास द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 से अब तक 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला जा चुका है। इन नागरिकों में 189 भारतीय छात्र भी शामिल हैं। भारत के नए राजदूत अभय कुमार ने बाकू में उन छात्रों और नागरिकों के आखिरी बैच से मुलाकात की, जिन्हें सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए वापस लाया गया है। राजदूत ने इन छात्रों के धैर्य की सराहना की और इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग के लिए स्थानीय अधिकारियों को धन्यवाद दिया।

कूटनीतिक संबंधों में नया अध्याय

इसी महीने भारत के राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव को अपने परिचय पत्र (Credentials) की प्रति सौंपी। इस मुलाकात को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

भारत और अजरबैजान अब न केवल संस्कृति और व्यापार, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। ईरान जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भारत की कूटनीतिक पहुंच और अजरबैजान का सहयोग यह सिद्ध करता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के मित्र देश संकट के समय उसके साथ मजबूती से खड़े हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com