ऐसा देश जहां कारों से ज्यादा है Cycle के दीवाने, यहां प्रधानमंत्री भी रोजाना साइकिल चलाकर जाते है संसद

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नई दिल्ली: आज 'विश्व साइकिल दिवस' के अवसर पर हर तरफ साइकिल को लेकर चर्चा हो रही है, साइकिल का महत्व बताया जा रहा है वही इससे स्वास्थ्य पर होने वाले फायदे भी बताये जा रहे है, लेकिन आज हम आपको साइकिल से जुड़ी एक ऐसी जानकारी देने जा रहे है जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते, तो आइए जानते है आखिर क्या है खबर... 

जहां इस दौर में पूरी दुनिया में गाड़ियों की भीड़ नजर आती है वही साइकिल बहुत कम देखने को मिलती है। बहुत काम जगह ऐसी है जहां आज भी साइकिल चलाई जाती है। लेकिन दुनिया में आज भी एक देश ऐसा है, जहां के प्रधानमंत्री भी अपने घर से संसद तक हर रोज साइकिल से ही जाता है। रह गए ना हैरान? लेकिन आपको बता दें कि यह सच है इस देश में कार से भी ज्यादा साइकिल चलाने का क्रेज है।

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री साइकिल से जाते है ऑफिस 

जहां  बात करें साइकिल  कि तो सभी जानते हैं कि साइकिल पर्यावरण से लेकर इंसान की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोग शर्म की वजह से और ज्यादातर लोग समय की कमी की वजह से साइकिल नहीं चला पाते हैं। लेकिन नीदरलैंड एक ऐसा देश है जहां आपको हर जगह सड़कों पर साइकिलें ही दिखेगी। बता दें कि यहां सड़कों पर पहला अधिकार साइकिल वालों का ही होता है। नीदरलैंड ,में साइकिल इतनी अधिक पॉपुलर है कि देश के प्रधानमंत्री रोजाना साइकिल से ही अपने ऑफिस जाते हैं। 

सभी लोग चलते है साइकिल 

बता दें कि नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के रिंग रोड और लेन साइकिल चलाने वालों के लिए जबरदस्त नेटवर्क से लैस हैं। यहां साइिकल चलाना इतना सुरक्षित है कि बुज़ुर्ग से लेकर बच्चे तक साइकिल का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। साइकिल चलाने का ऐसा कल्चर न सिर्फ देश की राजधानी में है, बल्कि नीदरलैंड के सभी शहरों में ऐसा है।  यहां के लोग साइकिल चलाने को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, और बड़े ख़ुशी के साथ साइकिल  चलाते है। 

ऐसे बड़ा साइकिल का क्रेज़ 

बता दें कि आज भले ही आज नीदरलैंड में साइकिल का कल्चर और क्रेज देखने को मिलता है, लेकिन 1950 और 60 के दशक में यहां भी दूसरे देशों की तरह कारों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। इसके बाद लोगों ने साइकिल को लेकर सामाजिक और न्यायिक सक्रियता दिखानी शुरू की। लोगों ने यह ध्यान रखा कि कारों की संख्या कितनी भी बढ़ जाए लेकिन साइकिलों की जगह रहनी चाहिए। ऐसे में इसे लेकर 70  के दशक में जमकर प्रयास किए गए। जिसके बाद सड़कों की बनावट साइकिल के लिए मुफीद हुए और अब नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम दुनियाभर में 'साइकिल राजधानी' बन गया है, आज यहां ज्यादातर लोग साइकिल  का ही उपयोग करते है। 

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