स्कूल के अंदर हिजबुल्लाह का बारूद! IDF के हाथ लगा 130 घातक हथियारों का जखीरा, नेतन्याहू की बड़ी चेतावनी

Israel-lebanon War: लेबनान के स्कूल से भारी मात्रा में हिजबुल्लाह के हथियार बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का दावा किया।
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IDF ने जब्त किया हिजबुल्लाह के हथियारों का जखीरा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Israeli Defence Forces: इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने गुरुवार को बड़ा दावा किया। सेना के अनुसार, दक्षिण लेबनान के बिंत जबील इलाके में एक स्कूल के भीतर हिजबुल्लाह के 130 से अधिक हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।

IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि बरामद हथियारों में कलाश्निकोव राइफलें, पिस्तौल, RPG, ग्रेनेड, भारी मात्रा में गोला-बारूद, एक एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल, निगरानी उपकरण और अन्य युद्धक सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, वहां हिजबुल्लाह के झंडे और अन्य संगठनों के प्रतीक भी पाए गए, जिससे संकेत मिलता है कि यह स्थान संगठन की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

हिजबुल्लाह के 70 ठिकानों पर हमला

इजरायली सेना ने यह भी दावा किया कि एक अन्य ऑपरेशन में उसके सैनिकों ने कई आतंकवादियों को मार गिराया। इससे पहले IDF ने कहा था कि उसने बेहद कम समय, लगभग एक मिनट के भीतर, हिजबुल्लाह के करीब 70 ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। इन कार्रवाइयों से क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि बिंत जबील में जोरदार लड़ाई जारी है। उन्होंने इस इलाके को हिजबुल्लाह का प्रमुख गढ़ बताते हुए कहा कि इजरायल इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उत्तरी इजरायल के निवासियों के समर्थन की भी बात कही और भरोसा दिलाया कि सेना लगातार कार्रवाई कर रही है।

इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर

दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के लिए युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और नेतन्याहू के साथ हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने शांति स्थापित करने के लिए इस अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार किया।

हालांकि, जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक ओर जहां सैन्य अभियान जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सीजफायर की घोषणा ने कूटनीतिक उम्मीदें भी जगाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह संघर्ष विराम स्थायी शांति की दिशा में कदम साबित होता है या नहीं।

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