

Highlights
ट्रंप ने पेरिस के मुस्लिम शहर बनने का दावा किया।
फ्रांस में इस्लाम दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
2019-2020 के सर्वे में 18-59 आयु वर्ग के करीब 10% लोग मुस्लिम थे।
प्यू रिसर्च सेंटर ने 2050 तक फ्रांस में मुस्लिम आबादी 18% होने का अनुमान जताया था।
Muslim Population in France: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस की बदलती पहचान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने फ्रांस की इमिग्रेशन पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के कारण पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बन सकता है।
फ्रांस में पिछले महीने से विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। स्कूलों की व्यवस्था में खामियों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक होता गया। इसी बीच ट्रंप ने इमिग्रेशन को लेकर टिप्पणी करते हुए फ्रांस की जनसांख्यिकी पर सवाल उठाए हैं।
फ्रांस में इस्लाम ईसाई धर्म के बाद दूसरा सबसे बड़ा धर्म है। फ्रांस के राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान INSEE और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोग्राफिक स्टडीज के 2019-2020 के सर्वे के अनुसार, 18 से 59 वर्ष की उम्र के लगभग 10 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं। हालांकि, यह आंकड़ा पूरे देश की आबादी का नहीं, बल्कि संबंधित आयु वर्ग का है।
फ्रांस में मुस्लिम समुदाय की जड़ें मुख्य रूप से उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और सब-सहारा अफ्रीका के क्षेत्रों से जुड़ी हैं। वहीं, INSEE के मुताबिक, 2024 में फ्रांस में 76.15 लाख इमिग्रेंट्स रह रहे थे, जो देश की कुल आबादी का 11.2 प्रतिशत थे। इस आंकड़े में प्रवासियों को उनके धर्म के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया गया है।
प्यू रिसर्च सेंटर ने 2017 में यूरोप में मुस्लिम आबादी को लेकर एक अध्ययन किया था। इसमें अधिक इमिग्रेशन वाले परिदृश्य के तहत अनुमान लगाया गया कि 2050 तक फ्रांस की कुल आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। स्वीडन में यह आंकड़ा 31.6 प्रतिशत तक रहने का अनुमान था।
हालांकि, ये भविष्य के अनुमान हैं, मौजूदा जनसंख्या के आंकड़े नहीं। साथ ही, ये पूरे फ्रांस से संबंधित हैं, केवल पेरिस शहर से नहीं। ऐसे में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पेरिस जल्द ही मुस्लिमों का शहर बन जाएगा। ट्रंप के दावे और जनसंख्या संबंधी अनुमानों के बीच अंतर समझना जरूरी है।