होर्मुज की जंग में चीनी टैंकर पर हमला, बीजिंग का फूटा गुस्सा, क्या अमेरिका-ईरान जंग अब बनेगा विश्व युद्ध?

Hormuz Conflict: होर्मुज में चीनी क्रू वाले तेल टैंकर पर हमले के बाद बीजिंग ने कड़ी चिंता जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव ने वैश्विक समुद्री व्यापार को खतरे में डाल दिया है।
Attack on Chinese Tanker in the Strait of Hormuz; Beijing Erupts in Anger Will the US-Iran Conflict Now Escalate into a World War?
शी जिनपिंग, एआई मॉडिफाइड फोटो
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Hormuz Conflict Chinese Tanker Attack: मीडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है जिसने वैश्विक महाशक्तियों को सीधे टकराव की स्थिति में खड़ा कर दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज में जारी भीषण सैन्य तनातनी के बीच, अब एक चीनी स्वामित्व वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है। इस घटना ने बीजिंग को बुरी तरह भड़का दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

बीजिंग ने दी चेतावनी

चीनी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में चीनी क्रू को ले जा रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जहाज पर चीनी नागरिक सवार थे लेकिन अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह हमला सोमवार को हुआ था, जिसमें जहाज पर CHINA OWNER & CREW अंकित होने के बावजूद उसे निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद चीन ने मीडिल ईस्ट के इस समुद्री मार्ग में जहाजों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत

होर्मुज का समुद्री मार्ग इस समय एक युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी नेवी के दावों के अनुसार, उसके तीन विध्वंसक ईरानी हमलों की चपेट में आ गए, जिसके बाद दोनों सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक बंदरगाहों और द्वीपों पर भी बमबारी की है। इसी बीच चीनी टैंकर भी हमले का शिकार हुआ।

अहम कूटनीतिक बैठक से ठीक पहले हुई साजिश

यह हमला उस समय हुआ जब बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होने वाली थी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा होर्मुज समुद्री मार्ग को फिर से खोलना और तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना था। गौरतलब है कि युद्ध के बावजूद चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। इस हमले को उस बातचीत को पटरी से उतारने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

फंसे हुए 20,000 नाविक और वैश्विक संकट

इस सैन्य टकराव का असर केवल सरकारों तक सीमित नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक पूरी तरह रुकने से करीब 20,000 नाविक और सैकड़ों जहाज समुद्र के बीच फंसे हुए हैं। यातायात ठप होने से दुनिया में तेल आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

एक तरफ अमेरिका शांति प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब का इंतजार कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संप्रभुता से जुड़े मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। आने वाले 48 घंटे इस क्षेत्र के भविष्य और वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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