

Hantavirus Outbreak Britain Cases: दुनिया अभी कोविड-19 के जख्मों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब समुद्र के बीच एक नए वायरस ने दस्तक दे दी है। दक्षिण अटलांटिक महासागर के सुदूर ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप पर दो ब्रिटिश नागरिकों में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है।
इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों और ब्रिटेन सरकार की चिंता बढ़ा दी है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के अनुसार, संक्रमण का एक अन्य संदिग्ध मामला भी सामने आया है, जिसके बाद प्रभावितों की निगरानी तेज कर दी गई है।
यह पूरा मामला आलीशान क्रूज शिप 'एमवी होंडियस' से जुड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जहाज पर कुल आठ मामले सामने आए थे, जिनमें से पांच में हंता वायरस संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्तमान में जहाज पर मौजूद किसी भी ब्रिटिश यात्री या क्रू मेंबर में बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं देखे गए हैं लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सभी की कड़ी मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।
ब्रिटिश सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद सख्त कर दिए हैं। जहाज के ब्रिटेन पहुंचने पर सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अनिवार्य रूप से 45 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा। इसके अलावा, जो यात्री पहले ही जहाज से उतर चुके हैं उनकी भी तलाश की जा रही है। बताया गया है कि 24 अप्रैल को सात ब्रिटिश नागरिक साउथ अटलांटिक के सेंट हेलेना द्वीप पर उतरे थे। इनमें से दो लोग ब्रिटेन लौट चुके हैं और वर्तमान में अपने घरों में आइसोलेटेड हैं। अन्य चार अभी भी सेंट हेलेना में हैं, जबकि एक व्यक्ति का पता ब्रिटेन के बाहर लगाया गया है।
वायरस की पुष्टि के बाद दुनिया भर में इसको लेकर डर का माहौल है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्थिति को देखते हुए बताया कि यह हंता वायरस संक्रमण 'कोविड जैसी किसी नई वैश्विक महामारी की तरह नहीं है। संगठन के अनुसार, फिलहाल आम लोगों के लिए इसका खतरा काफी कम है।
इसी बीच, अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने इस स्थिति को 'लेवल 3' इमरजेंसी घोषित किया है जो आपातकाल का सबसे निचला स्तर माना जाता है। इसका अर्थ है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन निगरानी आवश्यक है।
रविवार को जब 'एमवी होंडियस' स्पेन के टेनेरिफ बंदरगाह पर पहुंचेगा तो वहां ब्रिटिश सरकार के विशेष कर्मचारी तैनात रहेंगे। ये कर्मचारी जहाज से उतरने वाले नागरिकों की चिकित्सा सहायता और स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्य एजेंसियों का मानना है कि समय रहते आइसोलेशन और निगरानी के जरिए इस संक्रमण के फैलाव को पूरी तरह रोका जा सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें जहाज पर मौजूद यात्रियों के स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हैं।