

Haiti Gang Attack News: कैरेबीआई देश हैती की राजधानी के पास हथियारबंद गैंग ने रविवार देर रात चर्च में पनाह लिए विस्थापितों पर हमला किया। इस क्रूर हमले में बच्चों सहित कम से कम 47 नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि पचास से अधिक लोगों का अपहरण किया गया।
संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को इस कत्लेआम की पुष्टि करते हुए इसे हाल के वर्षों में हैती का सबसे बड़ा मानव अपहरण कांड बताया है। इस खूनी खेल के बाद पूरे इलाके में खौफ फैल गया है और विस्थापित आम नागरिक अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ियों की ओर भाग रहे हैं।
केन्सकॉफ के स्थानीय मेयर मैसिलॉन जीन के अनुसार, यह दर्दनाक कत्लेआम रविवार रात 10:30 बजे शुरू होकर सोमवार रात तक चलता रहा। इस दौरान अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावर पूरे कस्बे में बेखौफ घूमते रहे और जो भी उनके सामने आया उसे बेरहमी से मारते चले गए।
उन्होंने कई पीड़ितों को बहुत पास से गोली मारी, जैसे किसी अदालत द्वारा बाकायदा सजा-ए-मौत दी गई हो, जिससे सुरक्षा की कमी उजागर हुई। इस भीषण हिंसा के बाद प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमे के कार्यालय ने शोक व्यक्त करते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (बिनुह) के अनुसार इस भीषण हमले में मारे गए 47 लोगों में कम से कम पांच बच्चे शामिल थे। इस जघन्य नरसंहार को अंजाम देने के बाद कुख्यात गैंग के सरगना इजो 2 ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दी।
उसने पुलिस निदेशक व्लादिमीर पैराइसन को धमकी दी कि यदि पुलिस ने हमारे खिलाफ ड्रोन का इस्तेमाल किया, तो वह बंधकों की हत्या कर देगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला सरकार के सुरक्षा दावों को खारिज करने और पुलिस को एक कड़ा संदेश देने के लिए किया गया था।
पहाड़ी कस्बा केन्सकॉफ राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस से करीब 15 किमी दूर बसा है, जहां लंबे समय से गिरोहों का आतंक है। हैती में 2016 के बाद से कोई चुनाव नहीं हुआ और पिछले राष्ट्रपति जोवेनेल मोइस की जुलाई 2021 में हत्या के बाद संकट और गहरा गया।
वर्तमान में करीब 1.1 करोड़ की आबादी वाले इस देश में लगभग 15 लाख लोग विस्थापित हैं, जबकि 50 लाख से अधिक भोजन की कमी से जूझ रहे हैं। दिसंबर 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले देश में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा बहाल करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।